लैपटॉप की जगह अब 'टैब' देगी बीएमसी


SHARE

बीएमसी चुनाव को बीते लगभग 8 से 9 महीने बीत गये हैं लेकिन अभी भी चुन कर आयें हुए नगरसेवकों को लैपटॉप वितरित नहीं किया गया है। बीएमसी कमिश्नर अजोय मेहता के द्वारा लिए गये एक निर्णय के अनुसार अब नगरसेवकों को लैपटॉप नहीं दिया जायेगा बल्कि 'टैब' वितरित किया जाएगा। बीएमसी 2007 से ही लैपटॉप वितरित कर रही है इसके पीछे बीएमसी का उद्देश्य बीएमसी के कामकाज को पेपरलेस करना था।

उद्देश्य से काफी दूर

बीएमसी में कुल 227 निर्वाचित और 5 नॉमिनेटेड सहित कुल 232 नगरसेवक हैं। सभी नगरसेवक दो टर्म से लैपटॉप का उपयोग कर रहे हैं। जिसका ऊदेश्य कामकाज को डिजिटल फॉर्म में करना और पेपर का उपयोग कम से कम करना था, लेकिन दो टर्म के बाद भी बीएमसी के काम का डिजिटलाइजेशन नहीं हुआ।

कमिश्नर ने भी की सिफारिश

अब 2017 में जब बीएमसी के चुनाव संपन्न हुए तो चुनकर आये हुए नगरसेवकों ने लैपटॉप की मांग की। लेकिन बीएमसी की टेक्निकल टीम सहित सचिव विभाग ने एक प्रस्ताव पेश कर नगरसेवकों को लैपटॉप की जगह 'टैब' देने की सिफारिश की। खुद कमिश्नर अजोऊ मेहता ने भी इसकी इच्छा दर्शायी।

'टैब' से काम होगा आसान

इस टैब वितरण को लेकर अब बीएमसी अधिअकारियों ने आशा जताई है कि शुरुआत में टैब से कार्य करने में नगरसेवकों को थोड़ी से परेशानी जरुर होगी इसीलिए उन्हें तब तक फ़ाइल लेकर आना ही पड़ेगा। लेकिन कुछ दिनों के प्रशिक्षण देने के बाद नगरसेवक सीख जायेंगे और सभी काम वे टैब के माध्यम से ही करने लगेंगे, इससे 75 फीसदी तक कार्य पेपरलेस होंगे।

नगरसेवको को मिलेगा एंड्राइड फोन

पिछली बार की तरह इस बार भी नगरसेवकों को एंड्राइड फोन दिया जाएगा। इसके लिए हर नगरसेवक को फोन खरीदने के लिए 14 हजार रूपये की राशी मंजूर की गयी है। सिम कार्ड बीएमसी की तरफ से ही उपलब्ध कराया जाएगा। इसके पहले भी नगरसेवकों को फोन खरीदने के लिए 11 हजार रूपये की निधी मंजूर हुयी थी, जिसके अनुसार साढ़े 10 हजार रूपये का सैमसंग कंपनी का फोन दिया गया था लेकिन कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी नगरसेवकों ने फोन वापस जमा नहीं कराया।




संबंधित विषय
ताजा ख़बरें