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बीएमसी द्वारा जारी किये गए एक आंकड़े के मुताबिक मुंबई में 28,162 स्थानों पर डेंगू बीमारी को फ़ैलाने वाले 'एडीस एजिप्ताय' मच्छर पाएं गए हैं। इनमें से 14,930 स्थानों पर डेंगू के लार्वा पानी संचित किये जाने वाले ड्रम में पाए गए हैं।

मुंबई में डेंगू जैसी बीमारियां न फैले इसके लिए बीएमसी कमिश्नर अजोय मेहता ने बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य जिम्मेदार विभाग को सर्तक रहने का आदेश दिया था। साथ ही इस बारे में लोगों के बीच जागरूकता फ़ैलाने और डेंगू से बचाव की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के भी आदेश दिए गए थे।

ड्रम है डेंगू मच्छरों का पोषक 
डेंगू सहित अन्य संक्रमक रोगों के नियंत्रण के लिए कीटनाशक विभाग ने घर घर जाकर जाँच किया था। उसके अनुसार जनवरी से सितंबर महीने के बीच 99.81 घरों की जांच की, जिसमें 1.7 करोड़ से अधिक उन वस्तुओं की जांच की गयी जिसमें लोग पानी जमा करके रखते थे, जैसे ड्रम, फ्रीज, डिफ्राॅस्ट ट्रे, वातानुकूलित यंत्र, वाहनों के टायर, मनीप्लांटस, थर्माकोल सहित अन्य। इन बर्तनों में से 28,162 बर्तन ऐसे थे जिनमें डेंगू के लार्वा पनप रहे थे। यही नहीं अकेले ड्रम में ही 53 फीसदी यानि 14,930 स्थानों में डेंग्यू के लार्वा मिले।

ये चीजें भी हैं खतरनाक 
ड्रम के बाद 24 फीसदी यानी 6968 नारियल की खोल में, टायर्स, थर्माकोल, प्लास्टिक के बोतलों का स्थान आता है। 20 फीसदी यानी 5796 स्थान में बर्तन, छतों में लगे पाइप शामिल हैं। 8.55 फीसदी यानी 2408 स्थानों में छतों पर बिछाया जाने वाला प्लास्टिक का ताड़पत्री शामिल है। बीएमसी की ओर से आह्वान किया गया है कि लोग अपने घरों और छतों को साफ़ रखें और कहीं पानी जमा नहीं होने दें। अगर किसी को डेंगू या फिर मलेरिया की शिकायत है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।  

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