बुलेट ट्रेन के लिए मिट्टी परीक्षण को एमएमआरडीए की मंजूरी

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बुलेट ट्रेन के लिए मिट्टी परीक्षण को एमएमआरडीए की मंजूरी

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के लिए बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स यानि बीकेसी में बुलेट ट्रेन का पहला स्टेशन और अंतरराष्ट्रीय वित्त सेवा केंद्र (आईएफएससी) एकसाथ बनाए जाने की मंजूरी के बाद रेलवे द्वारा जल्द ही बुलेट ट्रेन की कार्य के लिए मिट्टी का परीक्षण का कार्य शुरू किया गया है। कार्य के लिए एमएमआरडीए द्वारा संबंधित मशीनरी की इजाजत देने की जानकारी सहप्रकल्प संचालक (जनसंपर्क) दिलीप कवठकर ने दी है।

एमएमआरडीए इस जमीन का इस्तेमाल आईएफएससी के लिए करना चाहता था। भारत की पहली हाईस्पीड रेल परियोजना का निर्माण बीकेसी के एक भूमिगत टर्मिनस में किया जाए। इसके तहत बुलेट ट्रेन 21 किलोमीटर का सफर अंडरग्राउंड टनल से तय करते हुए मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स से ठाणे पहुंचेगी। ट्रेन 508 किलोमीटर लंबा सफर केवल 2 घंटे में तय कर लेगी। इस रूट पर पड़ने वाले 12 स्टेशनों में से 4 महाराष्ट्र में और 8 गुजरात में होंगे। बीकेसी में मौजूद जमीन 67 एकड़ है और बुलेट ट्रेन को इसमें से 10 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। प्रॉजेक्ट की अनुमानित लागत 97,636 करोड़ रुपये है।

बीकेसी में 67 एकड जगह पर एमएमआरडीए इंटरनेशनल फाइनेन्स सेंटर बनाया जाना है, जिसमें से 10 एकड जगह बुलेट ट्रेन के स्टेशन के लिए है, लेकिन एमएमआरडीए जगह देने से इनकार कर रही है जिससे बुलेट ट्रेन का रोड़ा हटा नहीं है। जबकि सरकार ने बीकेसी में बुलेट ट्रेन का स्टेशन तैयार करने की घोषणा कर चुकी है साथ ही एमएमआरडीए के साथ बात बनने का दावा भी किया जा चुका है। इस बारे में जब मुंबई लाइव ने एमएमआरडीए से संपर्क किया तो उसके अधिकारियों ने इस बारे में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।

बीते शुक्रवार को बीकेसी से संबंधित ठेकेदारों द्वारा बुलेट ट्रेन के लिए मिट्टी का परीक्षण शुरू किया गया था, जिसे एमएमआरडीए ने रोक दिया था, लेकिन अब एमएमआरडीए ने इसे अपनी मंजूरी दे दी है। जिसपर माना जा रहा है कि सरकार के दबाव के चलते एमएमआरडीए ने यह मंजूरी प्रदान की है।

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