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'ऑड-इवन नियम से ट्रैफिक की समस्या हो सकती है हल'

दातार के मुताबिक BEST के पास 2500 वाहन हैं। साथ ही अतिरिक्त 6,000 स्कूल बसें हैं, जिन्हें ड्राइवर के साथ दो-तीन महीने के लिए हायर किया जा सकता है। इन सबकी सेवा लेने से ट्रैफिक कम होगा।

'ऑड-इवन नियम से ट्रैफिक की समस्या हो सकती है हल'
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मुंबई सहित महाराष्ट्र में लागू अनलॉक 1.0 के तहत लोगों को कई क्षेत्रों में छूट दी गई है। जिसके बाद लोग बाहर निकल कर काम और जाने लगे हैं। लेकिन इसी के साथ पिछले कुछ दिनों से कोरोना के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।  इसलिए इस बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए पुलिस ने सख्त नियम लागू किए हैं। जिसमें अगर कोई वाहन से अपने घर से 2 किमी दूर जाने और भी पाबंदी लगाए जैसे नियम भी शामिल हैं। कई लोगों द्वारा वाहन लेकर बाहर निकलने पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, जिसके बाद वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और टोलनाका पर वाहनों की कतारें लग गईं। ट्रैफिक विशेषज्ञ अशोक दातार ने कहा कि यदि वाहनों के लिए भी और विषम नियम लागू किए जाते हैं तो ट्रैफिक जाम से बचा जा सकेगा।

दातार का कहना है कि, मुंबई यातायात पुलिस विभिन्न नियमों को लागू कर रही है।  लगभग 2 किमी दूर से अधिक नहीं जाने का उनका निर्णय गलत है। इसकी जगह अन्य विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है। जिस प्रकार दिल्ली वाहनों की संख्या को सड़क पर कम करने के लिए ऑड और इवन नियम लागू किया गया था उसी प्रकार यह नियम यहां भी शुरू किया जा सकता है।

यह नियम निजी वाहनों और दोपहिया वाहनों पर लागू होना चाहिए। अगर यह नियम वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे, पेडर रोड, दादर में लागू किया जाता है, जहां ट्रैफिक जाम अधिक होता है तो ट्रैफिक की भीड़ कम हो जाएगी।

दातार के मुताबिक BEST के पास 2500 वाहन हैं। साथ ही अतिरिक्त 6,000 स्कूल बसें हैं, जिन्हें ड्राइवर के साथ दो-तीन महीने के लिए हायर किया जा सकता है। इन सबकी सेवा लेने से ट्रैफिक कम होगा। साथ ही उस अवधि के दौरान रेलवे को भी योजना बनानी चाहिए। यह भी यातायात पर भार को कम करने में मदद करेगा।  2 किमी दूरी का फैसला गलत है।  इस फैसले को मानना मुश्किल है, जिसको लेकर लोग गुस्से में हैं।  सवाल यह है कि पांच हजार वाहनों को जब्त करने से क्या होगा।

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