हथेली पर जान लेकर सफर करते है मुंबईकर , डेढ़ साल में तीन पुल हादसे!

पुल गिरने से अभी तक 29 मुंबईकरो की जा चुकी है जान तो वही सैकड़ो हुए घायल

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मुंबई को देश की आर्थिक राजनाधी भी कहा जाता है, लेकिन इसी शहर में रहनेवाले मुंबईकर रोजाना जान को अपनी हथेली पर लेकर सफर करते है। मुंबई में कब क्या हो जाए कोई नहीं कह सकता है। कभी लगने की घटनाओं से लोगो की मौत होती है तो वही कभी ब्रिज गिरने के कई परिवार तबाह हो जाते है। गुरुवार देर शाम को छत्रपति शिवाजी महाराज स्टेशन के प्लेटफॉर्म 1 और टाइम्स ऑफ़ इंडिया की बिल्डिंग दोनों के बीच बने इस ब्रिज का बड़ा हिस्सा शाम को अचानक गिर पड़ा।इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई तो वही 33 लोग घायल हो गए है। लेकिन यह पहली बार नहीं है की ऐसा दर्दनाक हासदा मुंबईकरो के साथ हुआ हो।


डेढ़ साल में तीन पुल हादसे

मुंबई में पिछलें डेढ साल में तीन रेलवे ब्रिज हादसे हो चुके है। मुंबई लोकल को मुंबई की लाइफलाइन भी कहा जाता है। लाखों लोग मुंबी की लोकल ट्रेनों में एक साथ सफर करते है, ऐसे में ब्रिज गिरने के हादसे होने से मुंबईकरो की जान पर हमेशा एक खतरा बना रहता है। पिछलें डेढ़ साल में पुल गिरने की घटनाओं में अब तक 29 मुंबईकरो की जान जा चुकी है तो वही सैकड़ो घायल हो गए है।

इसके पहले भी गिर चुके है पुल
3 जुलाई 2018 को मुंबई के अंधेरी में फुटओवर ब्रिज(गोखले ब्रिज) हादसे में 6 लोग घायल हो गए थे, हालांकी इस हादसे में किसी की मौत नहीं हुई थी।उससे पहले 29 सितंबर 2017 को मुंबई में एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन पर भगदड़ के हादसे में 23 लोगों की मौत हो गई थी। अंधेरी के गोखले ब्रिज हादसे के बाद कहा गया कि मुंबई के करीब 445 ओवरब्रिज का निरीक्षण किया जा रहा है।

यह भी कहा गया कि इनमें से 6 ओवरब्रिज को बंद करके फिर से बनाया जाएगा। ये ओवरब्रिज थे ,मलाड फुटओवर ब्रिज, तिलकनगर फुटओवर ब्रिज, गोखले ब्रिज, घाटकोपर, कलानगर और वसई ओवरब्रिज। लेकिन इन तमाम पुलों में छत्रपति शिवाजी टर्मिनल यानी सीएसटी का नाम नहीं था।

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