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निर्वाचन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र नागरिकता का पर्याप्त प्रमाण- अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट

कोर्ट का कहना है की एक निर्वाचन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र नागरिकता का पर्याप्त प्रमाण है

निर्वाचन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र नागरिकता का पर्याप्त प्रमाण-  अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट
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मुंबई में अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने हाल ही में मुंबई पुलिस द्वारा बांग्लादेश से यहां घुसपैठ करने के आरोप में पकड़े गए दो लोगों को बरी कर दिया। कोर्ट का कहना है की  एक निर्वाचन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र नागरिकता का पर्याप्त प्रमाण है, क्योंकि किसी व्यक्ति को जनप्रतिनिधित्व कानून के प्रपत्र 6 के मद्देनजर संबंधित प्राधिकारी के समक्ष घोषणा पत्र दाखिल करना होता है कि वह भारत का नागरिक है और यदि घोषणा मिथ्या पाई जाती है तो उस व्यक्ति को दंड मिलना चाहिए। 

वेबसाइट लाइवलॉ के मुताबिक एसीएमएम एएच काशीकर ने अब्बास शेख और उनकी पत्नी राबिया खातून साहिख को बरी कर दिया, जिन्हें पासपोर्ट नियम 3 और नियम 6 (भारत में प्रवेश) 1950, विदेशी नियम 1948 के पैरा 3 (1) जो विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 14 के तहत दंडनीय है, की शर्तों के उल्लंघन के लिए आरोपी बनाया गया था। मामले में पुलिस ने अदालत को बताया की  मार्च 2017 में प्राप्त "गुप्त सूचना" के आधार पर इन्हें गिरफ्तार किया गया। सूचना में कहा गया था कि कुछ "बांग्लादेशी घुसपैठिए" रे रोड़, मुंबई में रहते हैं।

अदालत ने कहा कि पहले आरोपी अब्बास शेख ने अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पासबुक, हेल्थ कार्ड और राशन कार्ड पेश किया। एक अन्य आरोपी राबिया खातून ने अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र पेश किया। सबसे पहले, अदालत ने कहा कि ये दस्तावेज़ साक्ष्य में स्वीकार्य हैं, ये सरकारी अधिकारियों द्वारा जारी किए गए दस्तावेज़ हैं।

अदालत ने कहा, "आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्रऔर राशन कार्ड को ध्यान में रखना उचित है, जो सार्वजनिक प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए दस्तावेज़ हैं और इन्हें सार्वजनिक दस्तावेज़ कहा जा सकता है। वे साक्ष्य में स्वीकार्य हैं।" हालांकि, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या राशन कार्ड को नागरिकता साबित करने वाले दस्तावेज नहीं कहा जा सकता, लेकिन निर्वाचन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र नागरिकता का एक पर्याप्त प्रमाण हो सकता है।"

हाल ही में, असम-एनआरसी और असम समझौते के संदर्भ में, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने दो निर्णयों में कहा कि मतदाता कार्ड, पैन कार्ड, बैंक दस्तावेज और भूमि कर के भुगतान की रसीद से नागरिकता साबित नहीं होगी।

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