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राज्य सरकार ने गुड़ीपड़वा से प्लास्टिक पर पाबंदी लगा दी है। मुंबई हाई कोर्ट के आदेश पर केवल व्यक्तिगत उपयोग के लिए तीन महीने की छूट दी गयी थी। लेकिन अब पर्यावरण विभाग की तरफ से प्लास्टिक उत्पादक और वितरकों को भी नोटिस भेजी गई है, यही नहीं कोर्ट ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई का भी आदेश दिया है।


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उत्पादकों को दिलासा नहीं 
आपको बता दें कि राज्य सरकार के प्लास्टिक बंदी निर्णय के खिलाफ में कई प्लास्टिक कंपनी के मालिक और वितरकों ने हाई कोर्ट जाकर इस मामले में दखल देने की मांग की थी लेकिन, कोर्ट से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए तीन महीने के लिए केवल व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्लास्टिक यूज करने की मंजूरी दी थी। अब पर्यावरण विभाग ने स्थानीय स्वराज्य संस्था को प्लास्टिक उत्पादकों, वितरकों और प्लास्टिक स्टोरेज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। 


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कार्रवाई की सूचना 
राज्य सरकार ने 23 मार्च 2018 के दिन प्लास्टिक के अलावा थर्माकोल और प्लास्टिक की वैकल्पिक वस्तुओं पर भी पाबंदी लगाई और 11 अप्रैल को नई अधिसूचना जारी करते हुए यह आदेश दिया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएं।


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जुर्माने के साथ सजा का भी प्रावधान
सरकार के प्लास्टिक बंदी के विरोध में प्लास्टिक कारखानों और वितरकों ने मुंबई हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी जिसकी सुनवाई 13 अप्रैल को हुई। इस सुनवाई में आम लोगों के खिलाफ तीन महीने तक कोई भी कार्रवाई नहीं करने का आदेश कोर्ट ने दिया। यही नहीं कार्रवाई करने का अधिकार स्थानीय सरकारी बॉडी सहित बीएमसी, पंचायत समिति, नगरपालिका को भी है। अगर कोई इस मामले में दोषी पाया जाता है तो उसे 3 साल की कैद सहित 3 से 5 साल की सजा हो सकती है।

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