'आरे में कारशेड के अलावा कई प्रस्तावित प्रोजेक्ट बनने हैं'

सामाजिक कार्यकर्ताओं और पर्यावरणविदों को अभी भी कई सवाल डरा रहे हैं। उनका कहना है कि अभी भी ऐसे कई प्रोजेक्ट हैं जिनका निर्माण भविष्य में आरे में सरकार करा सकती है।

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मेट्रो-3 के कारण आरे में बनने वाले कारशेड के लिए कोर्ट और उद्धव सरकार ने भले ही पेड़ों को काटने पर रोक लगा दी हो लेकिन सामाजिक कार्यकर्ताओं और पर्यावरणविदों को अभी भी कई सवाल डरा रहे हैं। उनका कहना है कि अभी भी ऐसे कई प्रोजेक्ट हैं जिनका निर्माण भविष्य में आरे में सरकार करा सकती है। पेड़ों को काटने पर भले ही रोक लग गयी ही लेकिन कारशेड के लिए निर्माण कार्य अभी भी जारी है।

हालांकि आरे में बनने वाले कारशेड के लिए अभी वहां जमीन का परिक्षण किया जा रहा है। लेकिन पर्यावरणविदो, सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित स्थानीय लोगों को लगता है कि सरकार ने स्पष्ट किया था कि, आने वाले दिनों में यहां एनीमल कंजर्वेशन सेंटर, SRA प्रोजेक्ट, RTO ऑफिस, टनल मार्ग जैसे कई प्रस्तावित योजनाओं का निर्माण किया जा सकता है।

इस बाबत सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल अक्टूबर महीने में सरकार से एक विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी थी, लेकिन सरकार द्वारा रिपोर्ट बना कर नहीं दी गयी।

पर्यावरणविदों का कहना है कि, आरे एक इकोसेंसटिव जोन है, इस जंगल में कोई भी निर्माणकार्य कैसे हो सकता है? इससे जंगल तो नष्ट होगा ही साथ ही अनेक दुर्लभ प्रजातियां भी लुप्त हो जाएंगी। इसीलिए आरे में होने वाले हम सभी प्रस्तावित योजनाओं का विरोध करते हैं।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि आरे में मेट्रो-3 के कारशेड के लिए 32 मंजिला भवन का निर्माण किया जा रहा है। इस कारशेड से मुंबई में चलने वाली 14 मेट्रो के रूट को संचालित करने का काम किया जाएगा। इन 14 मार्गों में से एक मार्ग का काम वर्तमान में पूरा हो गया है, जबकि शेष 13 मार्गों पर काम जारी है।

अब काम करने के लिए क्या आरे ही रह गया है। सरकार को इसके विकल्प के लिए कहीं और स्थानों को सेलेक्ट करना चाहिए था। पर्यावरणविदों ने आगे कहा, जब तक यहां निर्माण कार्य होते रहेंगे हमारा विरोध जारी रहेगा।

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