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घाटकोपर चार्टर्ड प्लेन हादसा: मृतक राहगीर के भाई ने शव लेने से किया इनकार


घाटकोपर चार्टर्ड प्लेन हादसा: मृतक राहगीर के भाई ने शव लेने से किया इनकार
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घाटकोपर में हुए चार्टर्ड प्लेन हादसे में 5 लोगों की मौत हो गयी थी। जिनमें से दो महिला पायलट और दो इंजीनियर शामिल थे, साथ ही एक राहगीर गोविंद दुबे भी इस हादसे का शिकार हो गया। गोविंद दुबे के शव का पोस्टमार्टम करने के बाद अन्तिम संस्कार के लिए उसके परिजनों को सौंपा जा रहा था लेकिन परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया।


इस बात का है दुःख 
गोविन्द दुबे के छोटे भाई गोपाल दुबे को इस बात का बेहद ही दुःख है कि सरकार और कंपनी की तरफ से मिलने तो दूर किसी ने फोन करके भी सांत्वना नहीं दी। गोपाल का कहना है कि हम लोग बेहद ही गरीब हैं, हादसे के बाद से अभी तक न तो सरकार की तरफ से और न ही कंपनी की तरफ से मिलने के लिए हमारे पास आया। गोपाल का कहना है कि जब गोविंद के परिवार को मुआवजा नहीं मिलता हम डेडबॉडी को नहीं लेंगे। गोपाल का कहना है कि गोविंद के परिवार का देखभाल करने वाला अब कोई नहीं है।

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मौत खींच लायी थी गोविंद को

आपको बता दें कि गोविंद दुबे के परिजनों का कहना है कि गोविन्द की अभी एक महिना पहले ही शादी हुई थी। मूल रूप से यूपी के जौनपुर जिले का रहने वाला गोविंद जीवदया लेन में स्थित एक घर के दरवाजे और खिड़की को बनाने के लिए ही घर से निकला था, जैसे ही वह जीवदया लेन पहुंचा वैसे ही यह हादसा हो गया।

गोविंद के साथ जो हुआ इसे दुर्भाग्य ही कहेंगे, लेकिन यह दुर्भाग्य अब गोविंद के परिवार के साथ न बना रहे इसके लिए सरकार को आगे बढ़ कर पीड़ित की मदद करनी चाहिए। 

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