गोवंडी पुलिस ने पेश की मिसाल, गरीब महिला की अंतिम संस्कार के लिए दिया आर्थिक सहयोग

गोवंडी पुलिस ने शारदा के परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए 17 हजार रूपये की आर्थिक मदद की।

SHARE

अकसर आम लोगों में मुंबई पुलिस की इमेज बेरहम, निर्दयी बात बात पर गाली देने और मारने वाले की होती है, शायद यही कारण है कि पुलिस को देखते ही लोगों की घिग्गी बंध जाती है। लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं है। पुलिस भी हमारी तरह आम इंसान होते हैं, फर्क इतना है कि उन्हें समाज में शांति बनाये रखने के लिए कुछ अधिकार मिले हुए है।

यह भी पढ़ें : चेंबूर में पेड़ गिरने से महिला की मौत !

गोवंडी पुलिस ने दिखाई इंसानियत

आम लोगों के बीच गोवंडी पुलिस ने एक ऐसी मिसाल कायम की है जिसे सुनने के बाद पुलिस के बारे में बनाई गयी आपकी धारणा बिलकुल ही बदल जाएगी। अभी हाल ही में चेंबूर में एक पेड़ गए था जिसकी चपेट में आने से एक महिला शारदा घोडेस्वार की मौत हो गयी थी। शारदा का परिवार बेहद ही गरीब है। शारदा के अंतिम संस्कार के लिए परिवार वाले कर्ज मांग रहे थे। जब यह बात गोवंडी पुलिस को पता चली तो वे मदद के लिए आगे आएं। गोवंडी पुलिस ने शारदा के परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए 17 हजार रूपये की आर्थिक मदद की।

यह भी पढ़ें : 'पेड़' बने सुसाइड पॉइंट 

अंतिम संस्कार के लिए मांग रहे थे कर्ज

शारदा के परिवार वालों की आर्थिक स्थिति बेहद ही दयनीय है। शारदा के परिवार वाले शारदा के अंतिम संस्कार के लिए 15 हजार रूपये के लिए लोगों के सामने हाथ फैला रहे हैं, यह खबर एक न्यूज़ पेपर ने छापी थी। जब इस खबर को गोवंडी पुलिस ने पढ़ा तो उन्होंने मानवता की मिसाल कायम करते हुए शारदा के परिवार वालों को 17 हजार रूपये का आर्थिक योगदान दिया। इस आर्थिक मदद में गोवंडी के सीनियर पुलिस अधिकारी से लेकर सिपाही तक ने योगदान दिया।

गोवंडी पुलिस के सीनियर पीआई शशिकान्त माने और अन्य जवानो ने खुद शारदा के घर जाकर शारदा के परिवार वालों को 17 हजार का चेक दिया। पुलिस के इस इंसानियत को देख कर कई स्थानीय लोगों के आंखों में आंसू भी आ गए। मुंबई लाइव भी गोवंडी पुलिस के इस इंसानियत को सलाम करता है।

यह भी पढ़ें : मुंबई...तुझे पेड़ो पर भरोसा नहीं क्या ?

अकेले घर चलाती थी शारदा  

आपको बता दें कि शारदा अपने घर में अकेली कमाने वाली थी। वह लोगों के घर में काम करके अपने घर वालों का पेट भरती थी। उसके घर में 3 बच्चे और उसकी 65 वर्षीय मां है। 7 दिसंबर के दिन जब शारदा काम पर जाने के लिए बस का इन्तजार कर रही थी तभी अचानक एक पेड़ गिर पड़ा जिसकी चपेट में शारदा भी आ गयी जिससे शारदा की मौत हो गयी.।








संबंधित विषय
ताजा ख़बरें