Coronavirus cases in Maharashtra: 441Mumbai: 235Pune: 48Islampur Sangli: 25Ahmednagar: 17Nagpur: 16Pimpri Chinchwad: 15Thane: 14Kalyan-Dombivali: 9Navi Mumbai: 8Vasai-Virar: 6Buldhana: 6Yavatmal: 4Satara: 3Aurangabad: 3Panvel: 2Kolhapur: 2Ulhasnagar: 1Ratnagiri: 1Sindudurga: 1Pune Gramin: 1Godiya: 1Jalgoan: 1Palghar: 1Nashik: 1Gujrat Citizen in Maharashtra: 1Total Deaths: 19Total Discharged: 42BMC Helpline Number:1916State Helpline Number:022-22694725

बारिश की वजह से मुंबई को हुआ 14 हजार करोड़ रुपए का नुकसान

सर्वे के मुताबिक साल 2005 से लेकर 2015 तक यानी 10 साल में मुंबई को बारिश की वजह से 14 हजार करोड़ रुपये जा नुकसान उठाना पड़ा।

बारिश की वजह से मुंबई को हुआ 14 हजार करोड़ रुपए का नुकसान
SHARE

मुसलाधार बारिश मुंबई के लिए कोई नई बात नहीं है, बारिश में सड़कों का नदी बन जाना, ट्रेनों का आवागमन रुक जाना, ट्रैफिक जाम हो जाना, मुंबई का रुक जाना अब सबके लिए एक आदत बन चुका है। लेकिन एक चौकानें वाली बात यह है कि इन्हीं सब कारणों से पिछले 10 सालों में मुंबई की इस बारिश ने 14 हजार करोड़ रूपये का नुकसान किया है।

सर्वे में हुआ खुलासा 
यूनाइटेड स्टेटस ट्रेंड एंड डेवलपमेंट एजेंसी इस बाबत एक सर्वे  किया था। सर्वे में जो रिलज्ट आया वह काफी हैरान करने वाला था। सर्वे के मुताबिक साल 2005 से लेकर 2015 तक यानी 10 साल में मुंबई को बारिश की वजह से 14 हजार करोड़ रुपये जा नुकसान उठाना पड़ा। यूनाइटेड स्टेटस ट्रेंड एंड डेवलपमेंट एजेंसी ने अपनी यह रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है।

पढ़ें: सितंबर महीने में हुई बारिश ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड

मुंबई डूबने पर होता है नुकसान  
जैसा की आप सभी जानते हैं कि मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी के रूप में भी जाना जाता है। मुंबई में बड़ी -बड़ी कंपनियों के कार्यालय स्थित हैं। लेकिन बारिश की वजह से सड़कें नदी बन जाती हैं, रेल यातायात अवरुद्ध हो जाते हैं। जिससे लोगों को काम करने में परेशानी होती है और इसका असर लोगों के काम पर पड़ता है। जिससे वित्तीय पूंजी के रूप में अरबों का नुकसान होता है।

जानमाल की भी हुई है क्षति 
ऐसा नहीं है कि मुंबई को केवल आर्थिक नुकसान ही झलना पड़ता है बल्कि जानमाल की भी क्षति होती है। सर्वे के अनुसार पिछले 10 साल में लगभग 3000 लोग इस बारिश की वजह से अपनी जान गँवा चुके हैं। इसके अलावा लगभग 1.5 लाख लोग बीमार पड़े हैं। इन आंकड़ों में 26 जुलाई 2005 को मुंबई में आई बाढ़ से हुए नुकसान भी शामिल हैं। 26 जुलाई को यानी एक ही दिन 944 मीटर बारिश हुई थी।

विकास के बदले विनाश 
सर्वे में मुंबई की बुनियादी ढांचे पर भी सवाल उठाए गए। यह भी उल्लेख किया गया है किपर्यावरण को नुकसान पहुंचा कर जिस तरह से बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जा रहा है वह काफी चिंताजनक है, मुंबई के डूबने के एक कारण यह भी है।

इसका ताजा उदाहरण अभी भी सामने आया है जहां सरकार ने मेट्रो-3 के कारशेड के लिए आरे के जंगल में से 2000 से अधिक पेड़ों को काटने की अनुमति दी है। जिसका बड़े पैमाने पर विरोध हो रहा है. पर्यावरण प्रेमियों के अनुसार अगर पेड़ काटे जाते हैं तो मुंबई में बाढ़ आने की संभावना काफी बढ़ जाएगी।

पढ़ें: मुंबईकरो को फिलहाल बारिश से राहत

संबंधित विषय
ताजा ख़बरें