रानी बाग़ होगा गुलजार, शेर-बाघ सहित अन्य कई जानवर मंगाए जाएंगे

बाघों के साथ-साथ शेरों की भी जोड़ी आ सकती है। रानी बाग़ ने शेरों के लिए सक्करबाग़ प्राणी संग्रहालय से सम्पर्क किया है जिसे मान लिया गया है। इसिलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि बाघों के साथ साथ यहां शेरों की भी एक जोड़ी आ सकती है।

  • रानी बाग़ होगा गुलजार, शेर-बाघ सहित अन्य कई जानवर मंगाए जाएंगे
SHARE

मुंबई का रानी बाग (वीर जिजामाता उद्यानजल्द ही मुंबईकरों के लिए एक सरप्राईज देने की तैयारी में है। वैसे तो सरप्राइज का खुलासा नहीं करना चाहिए लेकिन चलिए इसका खुलासा हम किए देते हैं क्योंकि बात ही ऐसी है। दरअसल आम लोगों के लिए रानी बाग में जल्द ही शेर और बाघों की जोड़ी के अलावा अन्य कई जानवर आने वाले हैं। रानी बाग़ में बाघ लगभग 20 साल बाद आने वाले हैं। इस बाबत बीएमसी में जल्द ही प्रस्ताव पेश किया जायेगा। बताया जाता है कि इन बाघों को औरंगाबाद के सिद्धार्थ प्राणी संग्रहालय से लाया जायेगा।

रानी बाग़ ने भेजा था पत्र 

इस समय रानी बाग का नवीनीकरण का कम चल रहा है। इस काम के तहत 8 नए पिंजरे बनाए गये हैं। साथ ही यहां नए जानवरों को लाने के लिए बीएमसी की तरफ से देश की अन्य म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के साथ पत्र व्यवहार किया गया है, जिसमे एक पत्र औरंगाबाद के म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को भी भेजा गया था। जिसके बाद औरंगाबाद के म्युनिसिपल ने बाघों की एक जोड़ी देने का निर्णय किया।

हालांकि इन बाघों के बदले औरंगाबाद  म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन कुछ अन्य जानवरों को देने की मांग की है, लेकिन अब रानी बाग की तरफ से वहां कौन से जानवरों को भेजा जायेगा यह देखने वाली बात होगी।



अन्य जानवर भी आएंगे रानी बाग 

सिद्धार्थ प्राणी संग्रहालय ने बाघों के लिए अच्छा काम किया है। यहां इस समय कुल 24 बाघ हैं जिसमें से 12 व्यस्क नर हैं। अपने किस्म का महाराष्ट्र ने यह अकेला ऐसा प्राणी संग्रहालय है जहां इतनी बड़ी मात्रा में बाघ उपलब्ध हैं। बताया जाता है कि पिछले 24 सालों में यहां 23 बाघों का जन्म हुआ। इसी साल अप्रैल महीने में एक मादा बाघ ने एक साथ 4 शावकों को जन्म दिया था, लेकिन जगह कम होने के कारण यहां मात्र 8 बाघों को ही रखने की इजाजत दी गयी है। बाघ अधिक हों जाने के कारण 2 बाघों को मुंबई के रानी बाग में भेजने का निर्णय किया गया है।

एक और बात है कि बाघों के साथ-साथ शेरों की भी जोड़ी आ सकती है। रानी बाग़ ने शेरों के लिए सक्करबाग़ प्राणी संग्रहालय से सम्पर्क किया है जिसे मान लिया गया है। इसिलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि बाघों के साथ साथ यहां शेरों की भी एक जोड़ी आ सकती है।

यही नहीं शेर, बाघ के अलावा रानी बाग़ प्रशासन जगुआर, चीता, दरियाई घोड़ा, जेब्रा, जिराफ़, मद्रिल बंदर, ओकापी, ईमू, शतुरमुर्ग, चिम्पैंजी, लेजर प्लेमिंगो, रिंगटोल लेमुर, भेड़िया, भालू, बारहसिंहा, चितल, नीलगाय , सांभर, जंगली बिल्ली जैसे अन्य जानवरों की भी मंगाए जाने पर विचार कर रही है।

संबंधित विषय
ताजा ख़बरें