
राज्य में एक डेवलप्ड महाराष्ट्र का लक्ष्य पाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट बनाने को मंज़ूरी दी गई। मीटिंग की अध्यक्षता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की।(New Electronics, Information Technology and Artificial Intelligence Department in Maharashtra)
नया IT कैडर बनाया जाएगा
इस फैसले से, एक नया IT कैडर बनाया जाएगा, जिसमें मिनिस्ट्री के विभागों, कमिश्नर ऑफिस और सभी जिलों के लिए परमानेंट पोस्ट शामिल होंगी। यह डिपार्टमेंट IT डिपार्टमेंट को जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट के तहत अलग करके बनाया जाएगा। साथ ही, डायरेक्टरेट ऑफ़ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी को बदलकर एक नया इलेक्ट्रॉनिक्स, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कमिश्नरेट बनाया जाएगा। इस कमिश्नरेट के लिए 77 पोस्ट बनाई जाएंगी। मिनिस्ट्री और दूसरे एडमिनिस्ट्रेटिव डिपार्टमेंट और कलेक्टर ऑफिस में IT से जुड़े काम संभालने के लिए 427 पोस्ट का एक अलग IT कैडर बनाया जाएगा।
389 पोस्ट के लिए एक्सटर्नल मैकेनिज्म के ज़रिए भर्ती
इसी तरह, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और लागू किए गए प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग और कंट्रोल के लिए टेक्निकल कैडर में 389 पोस्ट के लिए एक्सटर्नल मैकेनिज्म के ज़रिए भर्ती की जाएगी। इस भर्ती के लिए महाराष्ट्र ई-मिशन टीम (MEMT) बनाई जाएगी। इसके अलावा, इस डिपार्टमेंट के लिए ज़रूरी मैनपावर तैयार करने के लिए 200 इंजीनियरिंग डिग्री स्टूडेंट्स के लिए इंटर्नशिप प्रोग्राम लागू किया जाएगा।
राज्य के नागरिकों को ज़्यादा से ज़्यादा सरकारी सर्विस ऑनलाइन फ़ॉर्मेट में देने, राज्य सरकार के ज़रिए अलग-अलग स्कीम और प्रोग्राम को असरदार तरीके से लागू करने, ई-गवर्नेंस के ज़रिए एडमिनिस्ट्रेशन की एफ़िशिएंसी बढ़ाने, साथ ही राज्य में रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में हुई तरक्की का इंटीग्रेटेड और कोऑर्डिनेटेड इस्तेमाल करने, राज्य के सामने मौजूद डेवलपमेंट की ज़रूरतों, एडमिनिस्ट्रेटिव चुनौतियों और टेक्नोलॉजी-बेस्ड उपायों को असरदार तरीके से लागू करने, पॉलिसी बनाने और लागू करने के काम को रफ़्तार मिलेगी।
अलग डिपार्टमेंट बनने से डिजिटल सर्विस, डेटा-बेस्ड फ़ैसले लेने, साइबर सिक्योरिटी और नई टेक्नोलॉजी का प्लान के साथ इस्तेमाल करना मुमकिन होगा। साथ ही, यह फ़ैसला सस्टेनेबल एग्रीकल्चर, हेल्थकेयर, रिन्यूएबल एनर्जी, देसी प्रोडक्शन और दूसरे ज़रूरी सेक्टर में पारंपरिक ज्ञान और मॉडर्न टेक्नोलॉजी को मिलाकर अलग-अलग लेवल पर एडमिनिस्ट्रेशन को ज़्यादा आसान, ट्रांसपेरेंट और नागरिक-केंद्रित बनाने में मदद करेगा।
इस डिपार्टमेंट में पोस्ट बनाने के लिए ज़रूरी लगभग 133 करोड़ 35 लाख रुपये के सालाना खर्च को भी कैबिनेट मीटिंग में मंज़ूरी दी गई।
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