आवारा कुत्तों की होगी नसबंदी, लगेगी चिप

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आवारा कुत्तों की होगी नसबंदी, लगेगी चिप

 मुंबई में आवारा कूत्तों के नसबंदी के लिए बीएमसी हर साल करोड़ो रूपये खर्च करती है, बावजूद इसके कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। बीएमसी की इस कुत्ता नसबंदी योजना पर अब सवाल उठने शुरू हो गये हैं। इसे देखते हुए बीएमसी ने अब एक हाईटेक तरीका निकाला है। अब बीएमसी नसबंदी किये की जानकारी तुरंत उपलब्ध हो इसके लिए नसबंदी किये हुए कुत्तों को माइक्रोचिप लगाया जाएगा। इसके लिए बीएमसी ने टेंडर भी जारी किया है।

मुंबई में 26 जनवरी 1994 को आवारा कुत्तों की बढती संख्या और उनके उपद्रव को देखते हुए नसबंदी योजना लागू की गयी ताकि उनकी संख्या नियंत्रण में रहे। 2014 में जारी एक आंकड़े के अनुसार मुंबई में आवारा कुत्तों की संख्या करीब 95 हजार थी, जिनमें 69 हजार 239 कुत्तों की नसबंदी हुयी थी और 25 हजार 935 कुत्तों की नसबंदी नहीं हुयी थी। 1998 से ही अहिंसा, IDA, BSPCA, WSD जैसी 4 एनजीओ द्वारा नसबंदी का कार्यक्रम किया जा रहा है। 2016 में इस कार्य में UVA और उत्कर्ष नामके दो और एनजीओ शामिल हो गये। सार्वजनिक आरोग्य विभाग ने बताया कि लगातार बीएमसी की कुत्तों वाली गाड़ियों की उपलब्धता और नसबंदी के लिए दो और एनजीओ की मदद से जब 2016 में आंकड़े जारी किये गये तो बावजूद उसके कुत्तों की संख्या में 11 हजार 929 तक का ईजाफा हुआ था। अब सेक्ट्रोरल पद्धति द्वारा कुत्तों की संख्या नियंत्रण की जाएगी। साथ ही कुत्तों को पकड़ने के लिए गाड़ियों के लिए भी टेंडर निकाले गये हैं।

2017 से कुत्तों की नसबंदी का कार्यक्रम देवनार महाव्यवस्थापक की देखरेख में होता है। इस बाबत जब देवनार स्लाटर हाउस के महाव्यवस्थापक डॉ. योगेश शेट्ये से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि आवारा कुत्तों की नसबंदी की जवाबदारी हमारे विभाग को देने का प्रस्ताव सामने आया है लेकिन अभी इसे प्रशासन से मंजूरी नहीं मिली है। आवारा कुत्तों को माइक्रोचिप लगाने की पद्धति के अनुसार कुत्तों के कानो में चिप लगायी जाएगी जो ‘वी’ आकार की रहेगी ।

आवारा कुत्तों की जानकारी

2014 में आवारा कुत्तों की संख्या : 95175
जनवरी 2014 में नसबंदी किये हुए कुत्तों की संख्या : 69239
नसबंदी नहीं हुए कुत्तों की संख्या : 25935
वार्षिक नसबंदी उद्दिष्ट : 8 हजार
तीन सालों में नसबंदी का कुल खर्च : 1 करोड़ रूपये

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