'मुंबई में कई पुलों की स्थिति ठीक नहीं' बीएमसी में उठा मुद्दा

आपको बता दें कि रेलवे मार्ग के ऊपर बीएमसी के अंडर में आने वाले कुल 35 ब्रिज हैं जिनमे से मात्र 6 ब्रिज हैं अच्छी स्थिति में हैं। कुल ब्रिज में से 17 पुलों की छुटपुट मरम्मत की जरूरत है तो 12 ब्रिजों की स्थिति बेहद ही खराब स्थिति में हैं जिन्हे बड़े मरम्मत की जरूरत है।

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रेलवे मार्ग के ऊपर से बीएमसी द्वारा जितने भी ब्रिज बनाए गए हैं उनमे से अधिकांश ब्रिज अपने खस्ताहाल में हैं, जिनकी मरम्मत जल्द से जल्द किये जाने की जरूरत है। इसे देखते हुए बीएमसी ने इन ब्रिजों के मरम्मत के लिए टेंडर प्रर्किया शुरू कर दी है।


ब्रिजों को है मरम्मत की जरूरत 
आपको बता दें कि रेलवे मार्ग के ऊपर बीएमसी के अंडर में आने वाले कुल 35 ब्रिज हैं जिनमे से मात्र 6 ब्रिज हैं अच्छी स्थिति में हैं। कुल ब्रिज में से 17 पुलों की छुटपुट मरम्मत की जरूरत है तो 12 ब्रिजों की स्थिति बेहद ही खराब स्थिति में हैं जिन्हे बड़े मरम्मत की जरूरत है।

'रेलवे नहीं कर रही कुछ काम' 
इस मुद्दे को बीएमसी सभागृह की बैठक में कांग्रेस नेता और विरोधी पक्ष नेता रविराजा ने उठाया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बीएमसी द्वारा रेलवे को 114 करोड़ रूपये देने के बाद भी रेलवे इन ब्रिजों की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने दावा किया कि मुंबई में इस समय 18 ब्रिज खतरनाक स्थिति में हैं।

'टेंडर प्रक्रिया शुरू' 
ब्रिज विभाग के प्रमुख अभियंता संजय दराडे ने सफाई में कहा कि मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे को पिछले 18 साल में 133 करोड़ रूपये दिए गए। पुलों की मरम्मत, पुनर्निर्माण सहित ब्रिजों को बनाने के लिए मध्य रेलवे को 114 करोड़ और पश्चिम रेलवे को 19 करोड़ रूपये दिए गए हैं। बीएमसी प्रशासन ने कहा कि पुलों के मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू किये गए है। जिसमें दादर का तिलक ब्रिज, एलफिंस्टन ब्रिज, क़रीरोड वाला ब्रिज जैसे 12 पुलों को बड़े स्तर पर मरम्मत की जरूरत है।

'2 एफओबी बेहद खतरनाक' 
पब्लिक पुलों (एफओबी) बोलते हुए बीएमसी ने बताया कि रेलवे के अंडर में कुल 36 एफओबी आते हैं जिसमें से 4 एफओबी अच्छी स्थिति में हैं और 26 एफओबी में छोटे तो 4 एफओबी में बड़े मरम्मत की जरूरत है। बीएमसी के मुताबिक़ 2 एफओबी बेहद ही खतरनाक स्थिति में हैं जिसमे से एक रेलवे के अंडर में है।

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