बग्घियों से मुक्त कराए गये तीन घोड़े

मुंबई - मुंबई के नरीमन पॉइंट, गेट वे ऑफ़ इंडिया और मरीन ड्राइव जैसे इलाकों में चलने वाली बग्घियों पर पेटा (People for the Ethical Treatment of Animals) और एनीमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ़ इंडिया (AWBI) ने कार्रवाई कर तीन घोड़ों को मुक्त कराया है। आरोप है कि इन बग्घियों के मालिकों के पास लाइसेंस नहीं हैं। मुक्त कराए गये तीनों घोड़ों की हालत भी ख़राब थी। इनके शरीर पर जख्म था। साथ ही ये कमजोर और बीमार भी थे। इन तीनों घोड़ों को परेल के एनीमल हॉस्पिटल में इलाज के लिए भेजा गया है। डॉक्टर जेसी खन्ना ने अपनी जांच में पाया कि घोड़ों के पैर में नाल नहीं लगी होने से उनके खुर घिस गये हैं। फ़िलहाल ये तीनों घोड़े डॉक्टरों की देखरेख में अस्पताल में हैं। ठीक होने पर इनको इनके मालिक के पास भेजा जाएगा या नहीं इस पर विचार किया जाएगा। बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट में 2011 में पीआईएल दायर की गई थी, जिसमें कहा गया था कि बग्घियों में जोते जाने वाले घोड़ों पर अत्याचार हो रहा था। आरोप था कि बग्घी चालक घोड़ों से उनकी क्षमता से अधिक काम करवाते हैं। घोड़ों को जख्मी और बीमार हालात में भी बग्घी में जोता जाता है और शहर की कंक्रीट की सड़कों पर चलने से घोड़ों को पैरों से जुड़ी बीमारियां हो जाती हैं। यह भी कहा गया कि तबेलों की दशा भी काफी ख़राब है, जहां पर घोड़ों को घंटों गंदगी में रहना पड़ता है।

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