मुंबई महिलाओं के लिए होगी और भी सेफ और स्मार्ट

महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग बीएमसी के साथ मिल कर कई कदम उठा रही है।

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मुंबई में आएं दिन महिलाओं के साथ छेड़छाड़ होने या मारपीट होने की ख़बरें सुनने में मिलती है। खास तौर पर इस तरह की घटना ट्रेन में अधिक होने की सामने आती है, लेकिन अब इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग बीएमसी के साथ मिल कर कई कदम उठा रही है।

शहर का होगा सर्वे

महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार के प्रयास के बाद महाराष्ट्र में बनाए गए कई संगठन जैसे अक्षरा एनजीओ, U N वूमन, सेफ्टी पिन और उबर इंडिया की सहायता से मुंबई को महिलाओ के लिए और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए सर्वे किया जायेगा।  

लोकल बॉडी की जवाबदेही 

मुंबई जैसी शहर में महिलाओं की सुरक्षा के लिए बीएमसी जैसे बॉडी को भी जवाबदेही लेनी पड़ेगी। इसके लिए सुरक्षित सड़कें, सुरक्षित कार्यस्थल, सीसीटीवी का विस्तार, महिला पुलिस में वृद्धि, महिलाओं के लिए बसें, अकेली रहने वाली महिलाओं के लिए आवास योजना आदि पर भी विचार करना पड़ेगा।

स्मार्ट बने और भी स्मार्ट 

मुंबई को एक स्मार्ट शहर के रूप में जाना जाता है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध की दर को देखते हुए इस शहर पर सवाल भी उठते रहे हैं। स्मार्ट शहर एक ऐसा शहर होता है जहां कोई भी महिला किसी भी उत्पीड़न और भय में नहीं रहती है। इसलिए मुम्बई में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर समय समय पर ऑडिट होने की भी आवश्यकता है।





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