बढ़ रहे सब्जियों के दाम

फसल की क्षति के कारण उनकी आपूर्ति में कमी आई है और फसल कटाई में भी देरी हुई है।

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बेमौसम बारिश के बाद  आपूर्ति में भारी गिरावट के कारण सब्जियों की कीमतें 25 प्रतिशत से 60 प्रतिशत के बीच बढ़ गई है।  फसल की क्षति के कारण उनकी आपूर्ति में कमी आई है और फसल कटाई में भी देरी हुई है। सोमवार को मुंबई में प्याज का थोक मूल्य 60 रुपये प्रति किलोग्राम था जो 31 अक्टूबर को 31 रुपये प्रति किलो था। सोमवार को  गोभी 23 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया जो चार हफ्ते पहले 16 रुपये किलो था।

सब्जियों के बढ़े दाम

फूलगोभी ने सोमवार को अपने थोक मूल्य में 64 प्रतिशत की छलांग लगाई,  फूलगोभी सोमवार को 23 रुपये प्रति किलोग्राम रहा, जबकि 15 अक्टूबर को फूलगोभी   14 रुपये प्रति किलोग्राम था। खुदरा बाजार में, हरी सब्जियों की कीमतें पिछले चार हफ्तों में 100 प्रतिशत तक उछल गई हैं। थोक मंडियों में कम आवक के कारण सब्जियों की उपलब्धता कम हुई है। कम पैदावार और फसल  खराब होने के कारण उनकी आपूर्ति बाधित हुई।

हरी सब्जी की कीमतें मुंबई के खुदरा बाजार में दोगुनी हो गई है।  आयकर विभाग ने महाराष्ट्र, दिल्ली और मध्य प्रदेश में प्याज व्यापारियों का सर्वेक्षण कियाजिसमें वस्तु की कथित जमाखोरी की रिपोर्ट है। महाराष्ट्र के कई कृषि भागों में बाढ़ के कारण सब्जियों के बीज की बुवाई प्रभावित हुई थी।  

 10,000 करोड़ रुपए का प्रावधान 
मार्केट का कहना है कि सब्जियों की किल्लत इसी तरह बढ़ती रही तो सब्जियों की कीमतें और भी बढ़ सकती हैं। फिलहाल महाराष्ट्र सरकार ने किसानों की फसलों की बर्बादी के मद्देनजर मुआवजे के तौर पर 10,000 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है।

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