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मुंबई की क्राइम ब्रांच यूनिट-9 ने फर्जी कॉल सेंटर मामले में महिला आरोपी को गिरफ्तार किया जो अग्रिम जमानत के चलते बच गयी थी। यह महिला आरोपी एक बॉलीवुड अभिनेत्री बताई जाती। इस अभिनेत्री ने चार लोगों से इस फर्जी कॉल सेंटर में पैसे इन्वेस्ट कराए थे। साल 2018 में अंधेरी में पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारा था जिस पर अमेरिकी नागरिकों के साथ ठगी करने का आरोप लगा था।

क्या है मामला?
पिछले साल सितंबर महीने में पुलिस मिली थी कि अंधेरी के डीएन नगर की एक इमारत में फर्जी कॉल सेंटर चलाए जा रहे हैं, जिनके जरिये अमेरिकी नागरिकों के साथ ठगी की जाती है। पुलिस ने सूचना के आधार पर एक्सफिनिटी और इनोवेशन 360 नामके दो फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारा। इन दोनों कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारी अमेरिका फोन कर लोगों को डराते थे कि उनके कंप्यूटर या फिर लैपटॉप पर सायबर हमला हुआ है जिससे वायरस आ सकता है। इसके बाद ये कर्मचारी इस वायरस से बचने के लिए पैसों की मांग करते और न देने पर उनके सभी डाटा डिलीट करने की धमकी भी देते थे।

इस तरह से ये लोग सैकड़ों अमेरिकी नागरिकों को धमका कर उनसे पैसे की उगाही कर रहे थे। इन तरह की घटनाओं को देखते हुए अमेरिका की तरफ से भी कई बार शिकायत आ चुकी थी। मामला गंभीर होता देख पुलिस ने यहां छापा मारा और 9 लोगों को गिरफ्तार किया। साथ ही यहां से सैकड़ों अमेरिकी नागरिकों का डाटा भी कलेक्ट किया। पुलिस को जांच में यह भी पता चला कि यहां कुल 36 लोग काम करते हैं और बॉलीवुड से जुड़ी एक अभिनेत्री का भी नाम सामने आया जिसका नामा आरती सक्सेना है। आरती ने खुद यहां पैसा लगाया था साथ ही अन्य चार लोगों से भी यहां इन्वेस्ट कराया था।

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जब आरती को पता चला कि पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए उसकी तलाश कर रही है तो उसने कोर्ट से अपनी अग्रिम जामनत करा ली। इस अग्रिम जमानत की मुद्द्त 25 मार्च को समाप्त हो गई, इसके बाद आरती ने फिर से अपनी अग्रिम जमानत की याचिका दायर की जिसे कोर्ट ने रद्द कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आरती को कोर्ट से ही गिरफ्तार कर लिया।

इसी मामले में पुलिस ने पिछले साल दिसंबर महीने में 3600 पेज का चार्जशीट दाखिल किया था। जिसमें 17 अमेरिकी नागरिकों द्वारा की गयी शिकायतें और 30 गवाहों के बयान दर्ज थे। आरती की गिरफ्तार के बाद पुलिस ने उसे 28 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया। अब पुलिस आगे की जांच कर रही है।

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