अंबानी केस में स्कोर्पियो के मालिक हिरेन शाह की संदिग्ध अवस्था में हुई मौत, फडणवीस ने जांच अधिकारी पर लगाया बड़ा आरोप

फणडवीस ने कहा है कि जांच अधिकारी सचिन वाझे और हिरेन पहले ही संपर्क में थे। उन्होंने एक सीडीआर भी पेश की है।

अंबानी केस में स्कोर्पियो के मालिक हिरेन शाह की संदिग्ध अवस्था में हुई मौत, फडणवीस ने जांच अधिकारी पर लगाया बड़ा आरोप
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विश्व प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अंबानी (mukesh ambani) के घर के बाहर खड़ी जिस स्काॅर्पियो गाड़ी में जिलेटिन की 20 छड़ें बरामद हुई थी, उस मामले में एक बेहद ही चौकानें वाला मामला सामने आया है। दरअसल वह स्काॅर्पियो गाड़ी विक्रोली में रहने वाले मनसुख हिरेन नामके एक शख्स की थी। हिरेन ने बताया था कि, उसकी गाड़ी कुछ महीने पहले चोरी हो गई थी। लेकिन अब मुंब्रा इलाके से संदिग्ध अवस्था में हिरेन की लाश मिली है। जिससे साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अभी तक की जानकारी के मुताबिक, पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने कालवा ब्रिज से कूदकर अपनी जान दी है।जबकि हिरेन के घरवालों ने किसी सुसाइड (suicide) की बात से भी इनकार किया है।

इस मामले में BJP ने सरकार को भी घेरना शुरू कर दिया है। मीडिया से बात करते हुए BJP नेता और विपक्ष के नेता देवेंद्र फड़नवीस (devendra fadnavis) ने कहा कि, "कार के मालिक मनसुख हिरेन, जो एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, उन्हें तत्काल सुरक्षा दी जानी चाहिए थी,  लेकिन उनकी डेडबॉडी मुंब्रा में मिल रही है। ऐसे व्यक्ति का पुलिस जांच के दौरान मौत निश्चित रूप से संदेह पैदा करता है।'' 

देवेंद्र फड़नवीस ने मांग की है कि इस मामले को तुरंत एनआई को भेजा जाना चाहिए क्योंकि इसमें कुछ गड़बड़ जरूर है।

जबकि हिरेन की मौत से कुछ देर पहले ही विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच अधिकारी पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा था कि हिरेन को सुरक्षी दी जानी चाहिए, क्योंकि उसकी जान को खतरा हो सकता है। फणडवीस ने कहा है कि जांच अधिकारी सचिन वाझे और हिरेन पहले ही संपर्क में थे। उन्होंने एक सीडीआर भी पेश की है। 

फडणवीस ने कहा, ''गाड़ी के मालिक मनसुख हिरेन की जिस दिन उनकी गाड़ी चोरी हुई, जहां उनकी गाड़ी बंद हुई, वहां से वह क्राफर्ड मार्केट आए, और यहां उन्होंने एक व्यक्ति से मुलाकात की। वह व्यक्ति कौन है, यह इसमें सबसे बड़ी कड़ी है। जब यह गाड़ी जब अंबानी के घर के पास मिली तो लोकल पुलिस से पहले पुलिस अधिकारी सचिन वझे वहां कैसे पहुंचे? और उन्हीं को ही वह चिट्ठी कैसे मिली? गाड़ी चोरी हुई वह भी ठाणे की, आईओ (जांच अधिकारी) का घर भी ठाणे में। स्कॉर्पियो के साथ जो दूसरी गाड़ी (इनोवा) आई थी वह भी ठाणे की ही थी।''

फडणवीस ने आगे कहा, सचिन वझे को ही आइओ नियुक्त किया गया। इसके बाद टेलिग्राम पर एक पत्र मिला, जिसके बाद जैश-उल-हिंद संगठन ने इस घटना की जिम्मेदारी ली और क्रिप्टोकरंसी की मांग की। और जांच में वह एकाउंट भी गलत था, और इसके सरे दिन यह जो तथाकथित जैश-उल-हिंद है उसने भी इस लेटर को गलत ठहराया। इसमें आखिरी बात यह है कि यह जो आइओ है, 8 जून 2020, जुलाई 2020 में मनसुख के साथ टेलिफोन पर बातचीत हुई है। मैंने यह आशंका जाहिर की यह जो मनसुख हिरेन है, उसे तुरंत सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। उनकी जान को खतरा हो सकता है। अभी-अभी पता चला है कि उनकी डेड बॉडी मिली है। इससे पूरा प्रकरण बहुत गंभीर हो रहा है।'

फडणवीस के मुताबिक, ''जो जानकारी मेरे पास आई है, जो कड़ियां जुड़ रही हैं, इससे दाल में तो कुछ काला लग रहा है। जिसकी गाड़ी थी वह केस में सबसे बड़ा विटनेस था। 

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