पढ़ाई के डर से घर छोड़ भागा बच्चा तीन महीने बाद मिला

 Mulund
पढ़ाई के डर से घर छोड़ भागा बच्चा तीन महीने बाद मिला

पिता द्वारा बार-बार पढ़ने का दबाव डालने से परेशान बच्चे ने घर छोड़ दिया। घटना मुलुंड की है। पुलिस को बच्चा तीन महीने बाद मिला। बच्चे को आश्रय देने वाले को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

मुलुंड निवासी रणवीर सिंह रावत (45) सिक्युरिटी गार्ड की नौकरी करते है। उनका 14 वर्षीय लड़का स्कूल में पढ़ता था। रावत हमेशा अपने बच्चे को पढ़ने के लिए डांटा करते थे और पढ़ने के लिए दबाव बनाते थे। 2 जनवरी को रावत का लड़का पढने के लिए स्कूल तो गया लेकिन वापस घर नहीं लौटा। रावत ने काफी खोजबीन की लेकिन लड़के का कही पता नहीं चला। आख़िरकार मामला मुलुंड पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया गया। लेकिन पुलिस भी लड़के की खोजबीन नहीं कर पाई। पीड़ित परिवार वालों ने थकहार कर कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने जांच सीआईडी को सौंपी। कुछ दिन पहले रावत की पत्नी को एक अनजान नंबर से फोन आया। जब सीआईडी ने नंबर की जांच की तो नंबर गोरेगांव का था और वही से बच्चा भी मिला।

पूछताछ में बच्चे ने पुलिस को जब घर से भागने की वजह बताई तो एक बारगी पुलिस वाले भी हैरान हो गये। बच्चे ने घर से भागने की वजह पढ़ाई बताई और कहा कि उसके पिता उसे हमेशा पढ़ने के लिए बोला करते थे।

पूछताछ में बच्चे ने यह भी बताया कि वह इतने दिन छोटा मोटा काम करके अपना पेट भरता था। पुलिस ने बच्चे को आश्रय देने वाले छंगुताम यादव (28) को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर रही है।

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