अपने ही विभाग के भ्रष्टाचार से पीड़ित पुलिसकर्मी

बोरीवली - भ्रष्टाचार की जडें इस देश में कितनी मजबूत हैं इसका खुलासा किया है खुद मुंबई ट्रैफिक पुलिस के एक हेड कॉन्सेटबल ने। ट्रैफिक विभाग में तैनात रहे सुनील टोके ने ट्रैफिक महकमे को ही भ्रष्टाचारी बताया है। इस बाबात सुनील टोके ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जहां 23 जनवरी को इस मामले की सुनवाई होनी है।

टोके की मानें तो जब वो ट्रैफिक विभाग में थे तब एक बार उनकी तबीयत खराब हुई थी और घर के पास में पोस्टिंग मांगी थी, लेकिन उसके बदले गैरकानूनी तरीके से उनके वरिष्ठ अधिकारी ने उनसे 40000 रूपये की मांग की जब इसकी शिकायत की तो उन्हें तंग किया जाने लगा।

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