बुजुर्गो से लाखों की ठगी करनेवाले डिवाईन फाउंडेशन का भांडाफोड़।

 Vikhroli
बुजुर्गो से लाखों की ठगी करनेवाले डिवाईन फाउंडेशन का भांडाफोड़।

कई लोगों को पैसे कमाने का शौक होता है, पैसे कमाने के लिए ये लोग कई बार गलत रास्ते पर भी चलने लगते है और लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाने लगते है। कुछ ऐसा ही हुआ है मुंबई के विक्रोली इलाके मे, जहां पुलिस ने निलेश सूर्यकांत शाह नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है जिसने डिवाईन नाम की संस्था बनाकर हजारों लोगों के साथ धोखाधडी की।

निलेश सूर्यकांत शाह ने विक्रोली इलाके में डिवाईन फाउंडेशन नाम से एक संस्था बनाई। और इस संस्था के नाम पर कई लोगों से पैसे लिए। निलेश की गुजराती समाज में अच्छी पकड़ होने के कारण समाज के कई लोगों ने उसपर भरोसा किया। पिछलें तीन सालों में निलेश और उसकी पत्नी मनीषा शाह ने सामाजिक कार्यों के नाम पर लोगों से काफी पैसे लिए।

निलेश ने बुजूर्गो को अपना निशाना बनाते हुए उन्हे बाजार में मिलनेवाली दवाईयां को आधी किमत पर घर तक लाने की सेवा शुरु की। इस सेवा के लिए निलेश ने उनसे पहले ही दो से तीन साल तक का एडवांस पेमेंट ले लिया। कुछ दिनों तक निलेश और उसकी पत्नी मनीषा ने बुजूर्गो को कुछ दिनों तक दवाईयां भी पहुंचाई, लेकिन कुछ दिन बाद अचानक बुजूर्गो और अन्य ग्राहको को दवाईयां मिलनी बंद हो गई।

दवाईयां ना मिलने के कारण जब लोग विक्रोली स्थित संस्था के कार्यालय पहुंचे तो वहां कोई नहीं था। कार्यालय में काम करनेवाले 12 श्रमिक भी फरार थे। इन श्रमिको का भी 6 महिनों का वेतन नहीं दिया गया था। इतना ही नही निलेश और मनीषा ने जिन दुकानदारो से दवाईयां ली थी उनके भी लाखों के बिल बकाया थे। मिली जानकारी के मुताबिक इस संस्था के करिब 5 हजार से भी ज्यादा सदस्य थे जो दवाईयों की सेवा ले रहे थे।

शिकायत के बाद विक्रोली पुलिस ने निलेश और उनकी पत्नी मनीषा के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 और 34 के तहत मामला दर्ज किया। एक महीने की खोज के बाद पुलिस ने निलेश को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकी निलेश की पत्नी मनीषा अभी भी फरार है।


डाउनलोड करें Mumbai live APP और रहें हर छोटी बड़ी खबर से अपडेट।

मुंबई से जुड़ी हर खबर की ताज़ा अपडेट पाने के लिए Mumbai live के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें।

(नीचे दिए गये कमेंट बॉक्स में जाकर स्टोरी पर अपनी प्रतिक्रिया दे) 

Loading Comments