शिवसेना पदाधिकारी ने हीरानंदानी से मांगे 20 करोड़ की रिश्वत, पकड़ा गया रंगे हाथ

गुलाब पाखरे को पुणे के जुन्नर जिला परिषद् का सदस्य भी बताया जाता है।

शिवसेना पदाधिकारी ने हीरानंदानी से मांगे 20 करोड़ की रिश्वत, पकड़ा गया रंगे हाथ
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मुंबई के फेमस बिल्डर निरंजन हीरानंदानी से 20 करोड़ रूपये की रिश्वत मांगने के आरोप में पवई पुलिस ने पुणे से शिवसेना के एक नेता गुलाब पाखरे को गिरफ्तार किया। पाखरे को पुणे के जुन्नर जिला परिषद् का सदस्य भी बताया जाता है।


आरटीआई का गैर उपयोग  

मिली जानकारी के अनुसार पाखरे ने हीरानंदानी के खिलाफ विविध सरकारी कार्यलयों से आरटीआई के तहत जानकारी मांगी थी। आरटीआई से मिली जानकारी के आधार पर ही पाखरे हीरानंदानी से लगातार पैसों की मांग कर रहे थे, साथ ही यह भी धमकी दे रहे थे कि अगर उन्हें पैसे नहीं दिए गए तो वे सभी जानकारियों को सार्वजानिक कर देंगे।  


20 करोड़ की मांग  

कुछ महीने पहले पाखरे हीरानंदानी के पास से 10 लाख रूपये लेकर गए हुए थे, लेकिन पाखरे का लालच बढ़ता ही गया और वे कुछ दिन बाद 20 करोड़ रूपये की मांग करने लगे। हीरानंदानी ने पाखरे के खिलाफ पवई पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी, यही नहीं उन्होंने पुलिस को पाखरे और उनके बीच हुए संवाद की रिकॉर्डिंग भी दी।  


पकड़ा गया रंगे हाथ  

इस मामले में पवई पुलिस के सीनियर अधिकारी अनिल पोफले ने एक टीम बनाई और जाल बिछाया। प्लान के तहत गुलाब पाखरे को मुलुंड के एक होटल में पैसे लेने के लिए बुलाया गया, जहां से पुलिस ने पाखरे को 2 करोड़ रूपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। बताया जाता है कि पाखरे कई साल तक हीरानंदानी के पास ही लाइजनिंग एजेंट के रूप में काम किया था। पिछले साल पाखरे ने नौकरी छोड़ कर राजनीति में प्रवेश किया। और आरटीआई के आधार पर हीरानंदानी के खिलाफ तमाम जानकारियां जुटाने लगा।

पुलिस ने बताया कि पाखरे का मकसद आरटीआई के जरिये केवल हिरानंदानी से पैसों की उगाही करना ही था। इस मामले में पुलिस ने पाखरे के खिलाफ 384 (रिश्वत) के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।


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