'डैडी' के गैंग की कमान 'मम्मी' के हाथ में


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मुंबई का भूतपूर्व गैंगस्टर 'डैडी' यानी अरुण गवली के जेल में होने के बाद क्या अरुण गवली के गैंग की कमान अब 'मम्मी' यानी अरुण गवली की पत्नी आशा गवली संभाल रही हैं। यह सवाल इसीलिए उठ रहा है क्योंकि पुणे के एक बिल्डर से हफ्ता माँगने और धमकी देने के मामले में पुणे पुलिस ने आशा गवली को नोटिस भेजा है। आपको बता दें कि अरुण गवली शिवसेना के नेता कमलाकर जामसांडेकर की हत्या के मामले में नागपुर जेल की हवा खा रहा है।


 मिली जान से मारने की धमकी 

पुणे के मंचर इलाके से एक बिजनेसमैन को कुछ दिन पहले गवली गैंग से 5 लाख रूपये हफ्ता मांगने का एक मैसेज आया था। इसके बाद उस बिजनेसमैन को तीन लोगों ने पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद उक्त बिजनेसमैंन ने मंचर पुलिस से इस बात की शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे पुणे क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया।


 तीन लोग हुए गिरफ्तार 

इस मामले की जांच करते हुए पुलिस ने गवली गैंग के तीन लोगों मुहम्मद मुजावर, सूरज यादव और बाला सूदान पठारे को गिरफ्तार किया। इन तीनों में से मोबिन भायखला के दगड़ी चाल का ही रहने वाला है जो गवली गैंग का हेडऑफिस माना जाता है। सूरज पुणे के वड़गांव में स्थित आशा गवली के फ़ार्म हाउस पर काम करता है जबकि बाला पठारे अखिल भारतीय युवा सेना पुणे का पदाधिकारी है।


 पहले भी हो चुके हैं गिरफ्तार 

यही नहीं इन तीनों को 2008 में हुए शिवसेना नगरसेवक कमलाकर जामसांडेकर की हत्या मामले में भी गिरफ्तार किया गया था। 2010 में इनके ऊपर मकोका के अंतर्गत केस भी दर्ज किया गया था। मंचर पुलिस ने इन तीनो के अलावा दो अन्य लोगों पर भी केस दर्ज किया था जिनमे एक महिला भी शामिल है। पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि ये सभी आरोपी आशा गवली के सम्पर्क थे।


गवली को सौंपा गया नोटिस 
 
पुणे की क्राइम ब्रांच टीम ने मुंबई पुलिस से पत्र व्यवहार कर आशा गवली को पेश होने के लिए नोटिस भेजा है। अग्रीपाड़ा पुलिस ने रविवार शाम आशा गवली को पुलिस स्टेशन बुला कर नोटिस सौंपी।

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