रेलवे ट्रैक पर रखी जाएगी ड्रोन से नजर

उत्तर प्रदेश में रेलवे को एक धमकीभरा पत्र भी मिला जिसके बाद रेलवे ने ट्रेक की सुरक्षा को और भी बढ़ाने का फैसला लिया है।

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मल्टी एजेंसी सेंटर (मैक) ने कुछ दिनों सभी सुरक्षा एजेंसियों को इस बाबत एक खुफिया जानकारी दी थी की ISIS के आतंकी हथियार या फिर किसी भी बड़े बमों का इस्तेमाल किये बिना ही देश में किसी आतंकी वारदात को अंजाम देने के फिराक में है। जिसके बाद उत्तर प्रदेश में रेलवे को एक धमकीभरा पत्र भी मिला जिसके बाद रेलवे ने ट्रेक की सुरक्षा को और भी बढ़ाने का फैसला लिया है। ट्रैक को सुरक्षित रखा जा सके इसके लिए अब रेलवे ने ट्रैको की निगरानी के लिए ड्रोन की सहायता लेने का फैसला किया है।

यात्रियों की सुरक्षा एक अहम जिम्मेदारी

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया की रेलवे अब ट्रेक की देखरेख के लिए ड्रोन की मदद लेगा। ड्रोन की सहायता से ट्रेक की स्थिती पर नजर रखी जाएगी। शहर में लाखों लोग लोकल ट्रेन से सफर करते है। रेलवे प्रशासन के लिए एन सभी यात्रियों की सुरक्षा एक अहम जिम्मेदारी है।

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कैसे हो सकती है घटना
गर्मियों में रेलवे ट्रेक के बीच पैदा होनेवाली गर्मियों के कारण रेलवे दो पटरियों को जोड़ने के लिए इंचभर की जगह छोड़ती है, जिससे गर्मियों में अगर पटरियां फैले तो भी किसी तरह की कोई घटना ना हो। लिहाजा इन इंचभरी जगहों पर कोई सिमेंट या फिर पत्थर डालकर किसी अनहोनी घटना को अंजाम ना दे इसके लिए ट्रैक की सुरक्षा के लिए ड्रोन की सहायता ली जाएगी।

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क्या होंगे ड्रोन के फायदे
दरअसल ड्रोन के इस्तेमाल से ट्रैक पर होनेवाली हर गतिविधियों पर नजर रखी जाए सकती है , जिसकी सारी जानकारी एक कंट्रोल रुम में आराम से जमा की जा सकती है। इसके साथ ही फटका गैंग और मोबाइल चोरी की वारदातों पर भी कड़ी नजर रखी जा सकती है। जनवरी में रेलवे ने जबलपूर, भोपाल और कोटा स्टेशन पर ड्रोन से चेकिंग का परिक्षण किया है। देशभर में 17 रेलवे जोन में ड्रोन की सहायता लेने का निर्णय लिया है।

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