1993 मुंबई ब्लास्ट : दोषी ताहिर मर्चेंट की फांसी की सजा पर SC ने लगाई रोक


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1993 में मुंबई के सीरियल बम धमाके मामले में दोषी ताहिर मर्चेंट की फांसी पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को टाडा कोर्ट का रिकार्ड पेश करने का आदेश सुनाया। साथ ही इसी मामले में सीबीआई को भी नोटिस जारी किया है, अब मामले की अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी।

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ताहिर को मिली थी फांसी की सजा

इसके पहले इसी केस में 7 सितंबर को मुंबई की स्पेशल टाडा कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए ताहिर मर्चेन्ट और फिरोज़ खान को मौत की सजा सुनाई थी। ताहिर पर आरोप था कि उसने कुछ लोगों को पाकिस्तान भेजने का इंतजाम किया था जबकि रियाज सिद्दीकी को 10 साल की सजा सुनाई गई थी। इसी मामले के एक और दोषी अबू सालेम को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी है।

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क्या था मामला

12 मार्च 1993 को मुंबई में दोपहर के समय एक के बाद एक कुल 12 बम ब्लास्ट हुए थे। इन बम ब्लास्ट में 257 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 700 से अधिक घायल हो गए थे। यह ब्लास्ट RDX की सहायता से किया गया था। इस मामले में पुलिस ने 129 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, यही नहीं कोर्ट ने सुनवाई करते समय 100 लोगों को दोषी पाया था जिनमें कुछ को फांसी तो कुछ को उम्र कैद हुई है। आपको बता दें कि इसी मामले में भगौड़ा अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम, टाइगर मेमन समेत 27 आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं।


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