ठाणे में व्हेल मछली की उल्टी की तस्करी करते तीन गिरफ्तार, 20 करोड़ की उल्टी बरामद


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दुर्लभ प्रजाति के व्हेल मछली की उल्टी को तस्करी करने के आरोप में ठाणे पुलिस क्राइम ब्रांच ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही पुलिस ने इनके पास से 20 करोड़ रूपये तस्करी का सामान भी जब्त किया है। इन तीनों के नाम तुकाराम पवार (50), दिलीप महादेव बिर्जे (49) और ज्ञानेश्वर गोविंद मोरे (40) है।

क्या था मामला?
मिली जानकारी के मुताबिक ये तीनों आरोपी मंगलवार दोपहर 2 बजे के करीब टोयोटा गाड़ी से तस्करी का माल लेकर कहीं जा रहे थे। इस गाड़ी में पैंगोलिन (एक तरह की बड़ी छिपकली) की खाल और व्हेल मछली की उल्टी छुपा कर रखा गया था। ठाणे क्राइम ब्रांच -1 को यह सूचना मिली जानवरों के खाल की तस्करी कलवा इलाके में होने वाली है। इसीलिए नाकेबंदी के दौरान पुलिस ने जब इस टोयोटा को रोक कर इसकी तलाशी ली तो पुलिस को इसमें से तस्करी के सामान मिले।  


20 करोड़ की मिली उल्टी 

पुलिस को इस गाडी में से पैंगोलिन की 6 किलो खाल मिली जिसकी बाजार कीमत 20 लाख रूपये बताई जाती है साथ ही एक बैग में छुपा कर रखे गए 10 किलो व्हेल मछली की उल्टी मिली, जिसकी कीमत 20 करोड़ रूपये आंकी जाती है। इस मामले में पुलिस ने तीनो को वन्य जीव संरक्षण कानून के तहत गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई में जुट गयी है।


क्यों इतनी महंगी होती है व्हेल मछली की उल्टी 


इस उल्टी को एम्बरग्रिस भी कहते हैं जो कि एक प्रकार की बहुत कीमती वैक्स होती है। यह व्हेल की आंतों से रिसने वाले पदार्थ से बनती है। इस एम्बरग्रिस को ही व्हेल की उल्टी कहा जाता है, जो बहुत मुश्किल से ही इंसानों के हाथ लगती है। इस एम्बरग्रिस का इस्तेमाल विदेशों में परफ्यूम और दवा बनाने के लिए किया जाता है। इसकी सबसे ज्यादा डिमांड सऊदी अरब, कुवैत, ओमान जैसे खाड़ी देशों में है क्योंकि वहां के लोग परफ्यूम के काफी शौकीन होते हैं। मार्केट में एक किलो एम्बरग्रिस की कीमत एक करोड़ रूपये बताई जाती है ।

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