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भारत के मोस्ट वांटेड और अंडरवर्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के छोटे भाई इकबाल कासकर को ठाणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सोमवार को रात में गिरफ्तार कर लिया। कासकर पर बिल्डर से उगाही करने और धमकी देने का आरोप है। पुलिस ने कासकर को ठाणे कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उसे 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इस घटना को देखते हुए कई आशंकाए जन्म ले रही हैं, जैसे क्या अंडरवर्ड फिर से सिर उठा रहा है? क्या अंडरवर्ड सक्रीय था जिसे पुलिस समय रहते नहीं पता कर पायी? कसकर दाउद के नाम पर वसूली कर रहा था?

बताया जाता है कि कासकर ठाणे के एक बिल्डर को धमकाने और उससे उगाही करने का आरोप है। मामला 2013 का है, जब कासकर ने एक बिल्डर से हफ्ता के एवज में एक फ्लैट,तीन फ्लैट का पैसा भी लिया था और उसके बाद उससे पैसो की भी मांग कर रहा था। आख़िरकार पुलिस को इस लेनदेन की शिकायत मिली और इस मामले में कासकर को उसकी बहन हसीना पारकर के घर से गिरफ्तार कर लिया गया।  

जांच में पुलिस को यही भी जानकारी मिली है कि दाऊद के निशाने पर ठाणे, कल्याण और डोम्बिवली के लगभग 10 से 15 बिल्डर निशाने पर थे और नवी मुंबई का एक बिल्डर तो धमकी के डर से घबरा कर कहीं भाग ही गया था। कयास लगाया जा रहा है कि इस मामले में कुछ स्थानीय नेताओं जैसे की नगरसेवको की भी मिलीभगत हो सकती है।

इस बारे में ठाणे के पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने बताया कि इस पुरे मामले में दाऊद का हाथ है या नहीं इसकी जांच चल रही है। अगर उसका नाम आता है तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।

क्या था मामला

2013 में ठाणे के घोडबंदर में एक बिल्डर ने कुछ जमीन खरीद कर उस पर निर्माण कार्य करना शुरू किया। इस निर्माण कार्य पर इकबाल कासकर की नजर पड़ी। कासकर ने उसी जमीन मालिक से कुछ जमीन ख़रीदा और जबरन अधिक जमीन पर कब्ज़ा करने लगा। जब उस बिल्डर ने विरोध किया तो उस पर कासकर धौंस ज़माने लगा और उस पर सेटलमेंट करने का दबाव बनाने लगा। सेटलमेंट करने के एवज में कासकर ने बिल्डर से चार फ्लैट एक अलावा 30 लाख रूपये की मांग की और न देने पर जान से मार देने की भी धमकी दी। इसी दौरान कासकर का एक आदमी बिल्डर की साईट पर गया उसने बिल्डर को उसी के ऑफिस में धमकी भी दी। धमकी रंग लायी, और बिल्डर ने एक फ्लैट उस कासकर के आदमी के नाम पर कर दी। इसके बाद भी बिल्डर ने तीन फ्लैट बेच कर उसके भी पैसे कासकर को दिए। लेकिन कासकर की लालच बढ़ती ही जा रही थी। कासकर बिल्डर को और पैसे देने की धमकी दे रहा था। आख़िरकार तंग आकर बिल्डर ने ठाणे पुलिस से मदद मांगी। ठाणे पुलिस ने यह केस एंटी एक्स्टोर्शन सेल को सौंप दिया और इस तरह से यह मामला एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा के पास आ गया, जो इस समय एंटी एक्स्टोर्शन सेल में पुलिस निरीक्षक के पद पर तैनात हैं।

बिरयानी खाते हुए कौन बनेगा करोड़पति देख रहा था कासकर

18 सितंबर यानी सोमवार को इकबाल कासकर के विरोध में मामला दर्ज किया गया।  इसकी जांच प्रदीप शर्मा को सौंपी गयी। प्रदीप शर्मा की टीम ने कासकर की तलाश शुरू की तो पता चला कि कासकर नागपाड़ा में अपनी बहन हसीना पारकर के घर गार्डन हॉल पर है। जब पुलिस छापा मारा तो कासकर उस समय बिरयानी खाते हुए कौन बनेगा करोड़पति देख रहा था।


 मकोका के तहत हो कार्रवाई 

गृहराज्य मंत्री रणजीत पाटिल ने मंगलवार को मंत्रालय में कहा कि इकबाल कासकर पर मकोका के तहत कार्रवाई होना चाहिए।




 


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