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तो इस बार 10th और 12th के छात्र बिना परीक्षा दिए ही पास हो जाएंगे?

राज्य सरकार अब एहतियात के तौर पर दसवी और बारहवीं कक्षा की लिखित परीक्षा नहीं लेने का निर्णय लेने की तैयारी कर रही है। विशेष रूप से, तमिलनाडु राज्य ने मैट्रिक परीक्षा आयोजित नहीं करने का निर्णय लिया है।

तो इस बार 10th और 12th के छात्र बिना परीक्षा दिए ही पास हो जाएंगे?
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राज्य सरकार आने वाले समय में कोरोना वायरस (Cocina virus) के मद्देनजर ऐसा निर्णय ले सकती है कि वो 10 वीं और 12 वीं की परीक्षाएं सम्पन्न ही न कराएं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में स्कूलों को शुरू करने के बाद सैकड़ों छात्रों के कोरोना की चपेट में आने की सूचना है। इसलिए, राज्य सरकार अब एहतियात के तौर पर दसवी और बारहवीं कक्षा की लिखित परीक्षा नहीं लेने का निर्णय लेने की तैयारी कर रही है। विशेष रूप से, तमिलनाडु राज्य ने मैट्रिक परीक्षा आयोजित नहीं करने का निर्णय लिया है।

इसी तरह का निर्णय महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra government) भी ले सकती है। राज्य की स्कूल शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड (varsha gaikwad) और राहत और पुनर्वास मंत्री विजय वडेट्टीवार (vijay wadettiwar) ने इस संबंध में सुझाव दिया है। वर्षा गायकवाड के अनुसार, 'हम पिछले दो दिनों से राज्य के हर हिस्से का सर्वेक्षण कर रहे हैं। प्रत्येक कलेक्टर और शिक्षा अधिकारी के साथ चर्चा की। लेकिन चाहे वह सोलापुर, वाशिम हो या अन्य कोई स्थान, हमने शिक्षकों और छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। इसलिए, हमने स्थानीय प्रशासन को एक स्कूल शुरू करने के बारे में निर्णय लेने के लिए कहा है।'

कोरोना के कारण, हम 8 वीं और 9 वीं और 11 वीं कक्षा के छात्रों की परीक्षाएं सम्पन्न नहीं करा पाए। छात्रों के साल के प्रदर्शन को आधार मान कर ही उनका काउंट किया गया और उन्हें अगली कक्षा के लिए पास करने का निर्णय लिया गया। हम भविष्य में भी ऐसा कर सकते हैं।

वर्षा गायकवाड़ ने आगे कहा, दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं महत्वपूर्ण होती हैं। क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण वर्ष है। छात्रों को अगले साल प्रवेश आदि भी लेना होगा। इसलिए, हम भविष्य में इस बारे में सोचेंगे और जल्द ही आपको निर्णय करके बताएंगे।

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