महंगी हुई मेडिकल की पढ़ाई !


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पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के चलते जहां एक ओर आम आदमी की कमर पहले से ही जवाब दे रही है तो वही अब दूसरी ओर शैक्षिक लागत कम करने के बजाय कॉलेज इन्हे और भी महंगा करते जा रहे है।पिछले साल चिकित्सा शिक्षा शुल्क में वृद्धि की गई जो इस साल भी जारी है, मेडिकल शिक्षा की फिस में इस साल 30% तक की बढ़ोत्तरी की गई है।

हर साल बढ़ती शैक्षणिक शुल्क
दरअसल राज्य में मेडिकल और डेंटल कॉलेजी की शिक्षा की फिस में लगातार बढ़ोत्तरी जारी है। पिछलें साल फिस में बढ़ोत्तरी होने के बाद इस साल भी कॉलेजों के फिस में 30 फिसदी की बढ़ोत्तरी की गई है। निजी कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा पांच से बारह लाख हो गई है, तो वही मैनेजमेंट कोटा से प्रवेश लेनेवाले छात्र को साल के 20 से 40 लाख रुपये खर्च करने पड़ रहे है।

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और भी महंगी हो सकती है मेडिकल की पढ़ाई
चिकित्सा शिक्षा शुल्क में, कॉलेज राज्य के नियमित कोटा से कम से कम चार गुना प्रबंधन कोटा चार्ज करने की अनुमति रखते है , लिहाजा इस साल कॉलेजों को 15 से 48 लाख रुपये तक कॉलेजों को फिस देनी पड़ सकती है।

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