इंटरव्यू - 'शिवाजी नागरे यानी मैं'


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मत भूल की मैं सरकार का पोता हूं। मैं शंकर नहीं हूं। ये खेल उन्होंने शुरु किया है,खतम मैं करूंगा। ऐसे भारी भरकम डायलॉग के साथ सरकार 3 में एक्टर अमित साध अपना गुस्सा दिखाते नजर आ रहे हैं। अमित साध ने फिल्म सरकार 3 में अमिताभ बच्चन यानी सुभाष नागरे के पोते का किरदार निभाया है। रामगोपाल द्वारा  निर्देशित फिल्म सरकार 3 सरकार सिरीज की तीसरी फिल्म है,यह 12मई को रिलीज होगी। पहली सरकार 2005 में रिलीज हुई थी।  अमित साध ने  इससे पहले काई पो चे,गुड्डू रंगीला और सलमान खान के साथ सुल्तान जैसी फिल्मों में काम किया है। हमने अमित साध से खाश मुलाकत की। इस मुलाकत में हमने उनसे फिल्म के अलावा कुछ दूसरे सवाल भी पूछे जिसका उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया।

सरकार ने चुना पोता

अमित ने कहा, मुझे सबसे पहले रामू सर (डायरेक्टर रामगोपाल वर्मा) का फोन आया कि अमिताभ बच्चन ने आपको फिल्म सरकार 3 के लिए चुना है। मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था। मुझे फोटोशूट के लिए बुला लिया गया,हालांकि मुझे कैरेक्टर के बारे में जयादा कुछ पता नहीं था। पर हां मैंने सरकार और सरकार राज देखी थी। तो फोटोशूट के समय मैंने अपना गुस्सा भर भर के दिखा दिया और मैं फिल्म के लिए सिलेक्ट हो गया। 


शिवाजी नागरे और गुस्सा

अमित ने कहा, शिवाजी नागरे (अमित साध) में इतना गुस्सा क्यों है इस पर कोई राय बनाए उससे पहले मैं कहना चाहूंगा कि लोग पहले जान लें कि शिवाजी नागरे कौन है,शिवाजी नागरे सुभाष नागरे (अमिताभ बच्चन) का पोता है। इसके अलावा उसे इतना गुस्सा क्यों आता है,कहां से आता है, इसके लिए तो सरकार 3 देखनी होगी। 

राजनैतिक कनेक्शन

पूछे जाने पर कि शिवाजी के कैरेक्टर में घुसने के लिए आप किसी राजनेता के पोते से मिले और उनसे आपने कुछ सीखा ? इस पर अमित साध ने कहा, मेरे लिए सुभाष नागरे ही काफी थे,मुझे कहीं और जाने और किसी से सीखने की जरूरत ही समझ में नहीं आई। सुभाष नागरे के जो सिद्धान्त हैं, लालच और डर इंसान को कमजोर बना देता है। मैं अपने अलावा किसी की नहीं सुनता हूं, जो मुझे सही लगता है वह मैं करता हूं। उनका पोता यह बचपन से सुनते आया है। इसीलिए मैंने सिर्फ सुभाष नागरे को ही एडमाइर किया। 


मराठी में बात नहीं  

अमित शाध ने बताया कि सरकार 3 में शिवाजी के किरदार में मराठी में बात करने से रामू सर ने मना किया था। इसके अलावा मेरा एक शो आ रहा है, जिसमें मैं कॉप का रोल निभा रही हूं। जो एक बहुत अच्छा कॉप है पर फैमिली में आई परेशानी की वजह से वह शराबी हो गया है। इसमें मैंने माराठी बोली है। जो सितंबर 2017 में रिलीज होगा।

कहां से लाओगे ठाकरे कनेक्शन

अमित साध से पूछे गए सवाल कि क्या शिवाजी का किरदार शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे से ताल्लुक रखता है।  इस पर उन्होंने ही मीडिया पर सवाल दाग दिया उन्होंने कहा, अगर आप शिवाजी में आदित्य ठाकरे को देखते हैं तो  आप दूसरे कनेक्शन कहां से लाएंगे। जो मेरे पिता जी थे, जिन्हें शंकर चाचा ने मार दिया था,मेरे चाचा ने मेरे बाप को मार दिया अब इसका कनेक्शन आप कहा से लाएंगे। इसलिए यह एक हिन्दी फिल्म है और इसे फिल्म की ही तरह देखें।


अंधेरे से सवेरे तक 

अमित साध ने बताया कि उन्होंने अपनी लाइफ मैं बहुत तकलीफें झेली हैं, जानिए और क्या कहा, मैंने अपनी जिंदगी में बहुत अंधेरा देखा है, गुस्सा और हिंसा देखी है, मैं सड़को पर सोया हूं, मैंने आत्महत्या का भी प्रयास किया था। पर आज मेरे जीवन में रोशनी है, मैं काफी खुश हूं। पर अब जिंदगी जीने का तजुर्बा भी आ गया है। हर दिन उठना है और अपना कर्म करना है। साथ ही जीवन में स्थिरता खोजनी है। 

नो रोमांस

सरकार 3  में आपको रोमांस नहीं मिलेगा यह कहना है अमित साध का, उन्होंने कहा, इस फिल्म में दर्शकों के साथ कोई बेईमानी नहीं की गई है। ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि लोग थक गए होंगे तो चलो अब रोमांस डाल देते हैं। हां एक एंगल है,जिसमें आपको चीकू जैसा लड़का एक लड़की से प्यार करता नजर आएगा,लेकिन उसके प्यार करने और जताने का अंदाज अलग है। 


कैरेक्टर में घुसना और फिर निकलना  

इस पर अमित साध ने कहा कि जब आप कोई काम करते हैं तो एक एक्साइटमेंट होती है और जब आप अमिताभ बच्चन जी के साथ हों तब तो यह और बढ़ जाता है। यही जीवन है,हम सुबह तेजी से उठते हैं और धीरे से सो जाते हैं। 

सड़क से उठा बंदा बना स्टार 

अमित साध ने कहा, मुझे एक्टर बनने का घमंड जरा भी नहीं है, पर मुझे स्वाभिमान है कि परिवार के 12 लोगों का मैं खर्च उठाता हूं, 3 कुत्तों की देखभाल करता हूं। मैं अपने ड्राइवर (इमरान)को ड्राइवर की तरह नहीं पिता और बड़े भाई की तरह मानता हूं। वे मेरे साथ12 सालों से हैं। मेरे पास घर का रेंट देने के लिए किराया नहीं हुआ करता था, इमरान भाई रेंट के पैसे देते थे। मेरे पास गाड़ी नहीं थी पर इमरान भाई साथ में थे। 


रामू की फिल्में नंगी

अमित साध का कहना है, एक होती है पर्फेक्ट पेंटिंग,एक पेंटर ऐसा होता है जो पेंटिंग को नंगा कर देता है, उसी तरह रामू सर की फिल्में नंगा कर देती हैं। उनका कहना है कि नॉर्मल इंसान बनो, सामान्य आदमी जब बाहर से आता है तो उसके बाल खराब होते हैं, उसे पसीना आता है। चौबीसों घंटे इंसान खुश नहीं रहता। उनका सिनेमा कुछ अलग और खास है,इसलिए इसका इम्पैक्ट अधिक पड़ता है। 

 आगामी फिल्में

रागदेशाही- यह फिल्म इंडियन आर्मी को लेकर, यारा -बॉलीवुड कॉमर्शियल फिल्म, ब्रीद (वेब शो) -  कॉप पर आधारित है।  


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