कितने ‘बेफिक्रे’ शायरा और धरम ?

 Pali Hill
कितने ‘बेफिक्रे’ शायरा और धरम ?

मुंबई - निर्माता-निर्देशक आदित्य चोपड़ा 'दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे', 'मोहब्बतें', 'रब ने बना दी जोड़ी' जैसी सुपरहिट फिल्में बनाई हैं। इनमें जुनूनी प्रेम के साथ-साथ सशक्त पारिवारिक मूल्यों की बात भी थी। पर अब आदित्य चोपड़ा की नजर में प्यार की परिभाषा बदल गई है, बल्कि सामाजिक मूल्यों में भी परिवर्तन आ चुका है। आदित्य चोपड़ा की 'बेफिक्रे' में नायिका वाणी कपूर अपने बॉयफ्रेंड रणवीर सिंह को अपने घर ले जाती है और माता-पिता के सामने ऐलान कर देती है कि वह नायक रणवीर के संग लिव इन रिलेशनशिप में रहने जा रही है और इसके लिए वह उनकी आज्ञा नहीं ले रही बल्कि उन्हें सूचित कर रही है। आदित्य की 'बेफिक्रे' आज के उन युवाओं की कहानी है, जिनके लिए प्यार, चुंबन, संभोग, लिव इन, ब्रेकअप सब कुछ इंस्टंट फ़ूड की तरह है। और इस इंस्टंट कॉन्सेप्ट में अपने लिए सही साथी को चुनने का जबरदस्त कन्फ्यूजन भी है।

इस बार आदित्य चोपड़ा ने आज के यूथ से अपने कनेक्शन को परखने के लिए 'बेफिक्रे' में दो ऐसे युवाओं को चुना है जो प्रेम और विवाह जैसे कमिटमेंट से कोसों दूर हैं। धरम (रणवीर सिंह) और शायरा (वाणी कपूर) का हाल ही में ब्रेकअप हुआ है। कहानी एक गाने के साथ फ्लैशबैक में पहुंचती है। वन नाइट स्टैंड के तहत धरम और शायरा की मुलाकात होती है। दोनों इस बात पर एकमत हैं कि जिस्मानी रूप से एक होने का मतलब यह कतई नहीं कि दोनों में प्यार हो। दोनों ही अपनी तरह के बेफिक्रे हैं। एक-दूसरे को अजीबो-गरीब डेयर देते हुए दोनों करीब आते हैं और फिर अचानक लिव इन का फैसला करते हैं, मगर इस शर्त के साथ कि दोनों उनके बीच प्यार वाली फीलिंग नहीं लाने देंगे। धरम खुद को हवस का पुजारी बताता है। एक साल के साथ रहने के दौरान दोनों को अहसास होता है कि वे एक-दूसरे के लिए नहीं बने हैं और तब दोनों आपसी सहमति से ब्रेकअप कर लेते हैं। ब्रेकअप के बाद दोनों अच्छे दोस्त बनने का फैसला करते हैं। एक-दूसरे के आड़े वक्त में काम आकर दोस्ती निभाते भी हैं और इसी सिलसिले में शायरा को एक बैंकर शादी के लिए प्रपोज करता है। आगे की कहानी जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

रणवीर ने फिल्म में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है। कई दृश्यों में वे इतने सहज हैं कि महसूस ही नहीं होता कि वह अभिनय कर रहे हैं। उनकी शरारत, बचपना, दुविधा, पागलपन जैसे तमाम भावों को वह बिना किसी मशक्कत के निभा ले जाते हैं। वाणी ने अपने किरदार को सार्थक बंनाने की हरचंद कोशिश की है, मगर उनका लुक और चेहरे के हाव-भाव कहीं कमतर साबित होते हैं। हां नृत्य में वह पारंगत नजर आई हैं। विशाल-शेखर के संगीत में 'नशे में चढ़ गई' और 'उड़े दिल बेफिक्रे' फिल्म की रिलीज से पहले ही लोकप्रिय हो चुके हैं। इनका फिल्मांकन बहुत ही खूबसूरती से हुआ है।

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