लिबर्टी सिनेमा फिर हुआ गुलजार

मरिन लाइन्स - लिबर्टी सिनेमा का नाम आते है लाल गाली, जबरदस्त डेकोरेशन, टंगस्टन लाइट की छवि हमारे आंखों के सामने आ जाते है। लेकिन 2012 से इस सिनेमा हाल में एक भी फिल्म को प्रदर्शित नहीं किया गया है। लेकिन चार साल बाद अब फिर से इस सिनेमा हॉल की दिवारें फिल्मीं डॉयलोग से गुंजनेवाली है। दंगल फिल्म से ये सिनेमा हॉल फिर से अपने गुलजार होने जा रहा है।

उत्तम बांधकाम, वास्तूशास्त्र और सांस्कृतिक पंरपरा से भरपूर लिबर्टी सिनेमा हॉल एक नये रंग रुप के साथ फिर से लोगों के मनोरंजन के लिए तैयार है। थिएटर में अत्याधुनिक उपकरण बैठाए गए है। अमेरिका से खासतौर पर पुशबॅक कुर्सियां मंगवाई गई है। लिबर्टी थिएटर में एक साथ 2000 लोग बैठ सकते है।

लिबर्टी सिनेमा 1947 में बनकर तैयार किया गया था। हबीब हुसेन ने इस सिनेमा को डिजाइन किया था। देश की आजादी को समर्पित करते हुए इस थिएटर का नाम ‘लिबर्टी’ रखा गया। मेहबूब खान द्वारा निर्मित ‘अंदाज’ फिल्म को इस में दिखाया गया था। राजश्री फिल्मस की हम आपके है कौन’ फिल्म का प्रिमियर इस थिएटर में किया गया। अब पूरे चार साल फिर से ये थिएटर लोगों को अपनी ओर खिंचने के लिए तैयार है।

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