इंटरव्यू...ये है असली रामगोपाल वर्मा !

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इंटरव्यू...ये है असली रामगोपाल वर्मा !

ये आदमी तब तक नहीं हारेगा, जबतक जनता उसकी तरफ है। हमेशा विवादों में रहने वाले डायरेक्टर रामगोपाल वर्मा की आगामी फिल्म सरकार 3 के ट्रेलर की शुरुआत इन्ही शब्दों के साथ होती है और अंत मुझे जो सही लगता है, मैं करता हूं, वह चाहे भगवान के खिलाफ हो, समाज के खिलाफ, पुलिस, कानून या फिर पूरे सिस्टम के खिलाफ क्यों ना हो। जिस तरह से फिल्म में सरकार के हुकूमत करने का अंदाज दिखाया गया, कहीं ना कहीं रामगोपाल वर्मा की सोच भी इस कैरेक्टर से मिलती जुलती है। वे जैसे हैं खुद को वैसे ही रखने में जरा भी नहीं चूकते। उन्हें हिटलर और सद्दाम में भी सरकार दिखता है। इन्हें गुड मॉर्निंग, गुड नाईट कहने वाले लोग पसंद नहीं, इन्हें अमिताभ वाइन की तरह नजर आते हैं। इनकी चाह अंडरवर्ल्ड कंसल्टेंसी खोलनी की थी, इन्हें दाऊद पसंद हैं। ये खुद से बनाई सभी फिल्मों को अपनी गलती मानते हैं। दिए इंटरव्यू सभी मुद्दों पर रामगोपाल वर्मा ने खुलकर अपने विचार रखे हैं। आइए जानते हैं क्या कुछ कहा उन्होंने।

अंडरवर्ल्ड कंसल्टेंसी

अंडरवर्ल्ड का नाम लेने से जहां लोग सहम जाते हैं, ऐसे सेंसटिव मुद्दे पर रामगोपाल वर्मा का कहना है कि, अगर मैं डायरेक्टर नहीं होता, तो मैं अंडरवर्ल्ड कंसल्टेंसी खोल लेता (हंसते हुए), क्योंकि अडरवर्ल्ड में शामिल होने की हिम्मत तो थी नहीं। कंसल्टेंसी खोलकर एडवाइजर बन जाता। यह पूछे जाने पर कि क्या आपको कभी अंडरवर्ल्ड से धमकी मिली है, पर रामू ने कहा कि, मुझे कभी धमकी नहीं मिली। क्योंकि मैं खुद दाऊद इब्राहिम हूं। प्लास्टिक सर्जरी लगाकर घूम रहा हूं (हंसते हुए)। मैं दाऊद इब्राहिम को पसंद करता हूं और उसकी नाक मुझे खास पसंद है।


बप्पा की कसम...मम्मी मुझे कोई नहीं समझता

रामगोपाल वर्मा के ट्वीट का मतलब होता है विवाद, ये जब भी कोई ट्वीट करदे हैं और विवाद पैदा हो जाता है। पर अब ये इससे दूर हो गए हैं। उनका कहना है कि, मैं कभी किसी चीज को सीरियस नहीं लेता हूं, यहां तक कि खुद को भी सीरियस नहीं लेता हूं, तो मुझे लगता था कि दूसरे लोग भी सीरियस नहीं लेते होंगे, पर यह सोच शायद ठीक नहीं थी। इसलिए मैंने तय किया है कि अब मैं किसी को भी अपना निशाना नहीं बनाउंगा। मैं गणपति बप्पा की कसम खाता हूं।

पछतावा

आपको लग रहा होगा कि राम गोपाल वर्मा को किसी एकाद फिल्म को लेकर बनाने का फछतावा होगा वे उसे और अच्छा बना सकते हैं। पर ऐसा नहीं है। उन्हें अपना सारी फिल्मों के लिए पछतावा है। उनका कहना है कि सारी फिल्में बकवास हैं, मैं उन्हें काफी अच्छे से बना सकता था। कंपनी तो टोटली फकऑल फिल्म थी।


नाइंसाफी

यह पूछे जाने पर कि क्या आपके साथ कभी कोई नाइंसाफी हुई है इस पर रामू ने कहा कि, मैंने किया नाइंसाफी, मेरे साथ कभी भी नाइंसाफी नहीं हुई है।


बॉक्स ऑफिस सिर्फ एक बॉक्स

रामगोपाल वर्मा बॉक्स ऑफिस को सिर्फ एक बॉक्स की तरह देखते हैं। उनका कहना है कि, वे फिल्में बनाते हैं लोगों को दिखाने के लिए देखना ना देखना उनके हाथ में है।


अमिताभ बच्चन वाइन

आप भी सोच में पड़ गए होंगे कि अमिताभ बच्चन वाइन क्या है यह? दरअसल यह खुद रामू ने कहा है। पूछे गए सवाल पर की अमिताभ बच्चन ने 12 साल पहले सरकार फिल्म की थी तबसे अब में क्या फर्क नजर आया ? इस पर रामू ने कहा कि, अमिताभ बच्चन वाइन की तरह हैं, वाइन जितनी पुरानी होती है, उतनी बेहतर होती है। उम्र का बढ़ना बच्चन जी के लिए अच्छा है।  


सुबह जन्म लेना और रात में मरना

सुबह जन्म लेता हूं और रात में मौत को गले लगाता हूं। यही रामू के जीने का अंदाज उन्होंने खुद कबूला है। उन्होंने कहा है कि जो बीत गया सो बीत गया मैं कभी पीछे मुड़कर नहीं देखता हूं।


आमिर खान को डायरेक्टर की जरूरत नहीं

रामू का कहना है कि, मुझे नहीं लगता है कि आमिर खान को किसी डायरेक्टर की जरूरत है, उनके जो विचार हैं वे एक एक्टर डायरेक्टर के ऊपर के हैं और दूसरी बात यह है कि मेरा ना तो आमिर खान की तरह फोकस और नाही पैशन है। इन्हीं वजहों से मैं उनके साथ काम नहीं करना चाहती हूं।


ऋषि के ट्वीट पर हमला

हाल ही में बॉलीवुड एक्टर विनोद खन्ना का निधन हुआ था, उनकी अंतिम यात्रा में बॉलीवुड के युवा एक्टर्स को वहां पर ना देख ऋषि कपूर ने एक ट्वीट कर युवा एक्टर पर नाराजगी जताई थी। इसी के सवाल पर रामू ने कहा कि यह स्वतंत्र देश है, लोगों को जो अच्छा लगे वह करना चाहिए। कहीं जाना या ना जाना उनकी मर्जी है।

4 सालों से नहीं पढ़ा अखबार

रामू का कहना है, मैं इंटरनेट के साथ फ्रैंडली हूं, मेरा जो मन करता है सर्च करता रहता हूं, पर 4 सालों से मैंने अखबार नहीं पढ़ा। क्योंकि अखबार बहुत आउटडेटेड हैं।


जिसको देखना है देखेगा

आज के फिल्म प्रमोशन के मुद्दे पर बात करते हुए राम गोपाल वर्मा ने कहा कि, कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं कैसा इंसान हूं, मेरे बारे में अच्छा लिखा जाए या बुरा जिसको फिल्म देखनी है वह देखेगा। मेरे बारे में बुरा पब्लिश होने पर कोई भी अपनी टिकट कैंसल करने वाला नहीं है।


गुड मॉर्निंग बोलने वाले लोग पसंद नहीं

लोगों को अगर कोई विश करता है तो अचछा ही लगता है पर रामगोपाल वर्मा ऐसे लोगों को पसंद नहीं करते हैं। उनका कहना है कि, मामूमी लोग पसंद नहीं हैं, गुड मॉर्निग, गुड नाईट करने वाले पसंद नहीं हैं। मैं ऐसा स्कूल टाइम से ही हूं। मैंने उसी तरह के नोवल पढ़े हैं।

बाहुबली 2 का असर

हाल ही में बाहुबली 2 रिलीज हुई है और बड़ी तादात में लोग इसे देखने सिनेमा घरों में जा रहे हैं। सरकार 3 फिल्म 12 मई को रिलीज हो रही है। इस पर रामगोपाल वर्मा का कहना है कि सरकार 3 बाहुबली 2 से प्रभावित होगी या नहीं यह तो समय ही तय करेगा। फिलहाल इस बारे में मैं अभी कुछ नहीं कह सकता।  

सेक्स सीरियस थिंक

रामगोपाल वर्मा का कहना है कि, सेक्स सीरियस थिंक है, इसलिए सेक्स और कॉमेडी को मिक्स नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि वे कभी भी सेक्स-कॉमेडी फिल्म नहीं बनाएंगे।

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