रिव्यू - कठिन परिश्रम का नाम है 'सचिन तेंदुलकर'

 Mumbai
रिव्यू - कठिन परिश्रम का नाम है  'सचिन तेंदुलकर'

वैसे तो आपको लगभग क्रिकेट के भगवान मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की कहानी पता ही होगी। पर अब मौका है, सचिन की पूरी कहानी सचिन की ही जुबानी सुनने का। सचिन ए बिलियन ड्रीम्स एक स्पोरर्ट्स डॉक्यूड्रामा है। जिसमें सचिन खुद अपनी कहानी बयां करते नजर आते हैं।

सचिन बचपन में कितने शरारती थे, फिल्म में बाखूबी उभारा गया है। सचिन की मंद मुस्कान देखकर आप भी एकबार जरूर खिल उठेंगे। यह फिल्म सचिन की पर्सनल लाईफ से भी रूबरू कराएगी। उनकी फैमली के पुराने से पुराने वीडियोज देखने का मौका मिलेगा। उनकी जिंदगी में कब वह मौका आया और उनके लिए क्रिकेट ही सब कुछ बन गया, इसे फिल्म का अहम हिस्सा भी कह सकते हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि क्रिकेट से संबंधित छोटी छोटी बातें उनके लिए कितनी अहम होती थी। साथ ही उनके और अंजली के प्यार पर भी नजर डाली गई हैै। आज के भाग दौड़ और स्ट्रेस भरी लाईफ में लोगों के पास जहां अपनी फैमिली के लिए समय नहीं होता है, ऐसे में सचिन का फैमिली प्रेम देखकर आप भावुक हो उठेंगे। सचिन अपने पिता के काफी करीब थे। पिता की मौत सचिन लंबे अरसे तक नहीं भूल पाए थे। हर वक्त उनके जहन में पिताजी ही चला करते थे।

सचिन ए बिलियन ड्रीम्स में क्रिकेट के उतार चढ़ाव को दिखाना डायरेक्टर जेम्स एर्सकीन की कुशलता कह सकते हैं। मैच फिक्सिंग से लेकर सचिन के सीनियर का उनके प्रति कैसा व्यवहार था, यह फिल्म में चतुरता से दिखाया गया है। यह फिल्म सचिन के फैन्स के लिए तो खास है ही, साथ ही हर किसी के लिए प्रेरणा दायक भी है।

हां पर जिस तरह से इंडियन फैन्स को बायोपिक देखने की आदत है, यह फिल्म उस तरह कि फिक्शन बायोपिक नहीं है। इसे सिंपल भाषा में डॉक्यूड्रामा कह सकते हैं। जिसमें अधिकतर रियल फुटेज का इस्तेमाल किया गया है। जिनकी क्वालिटी काफी अच्छी भी नहीं है। अगर आप सचिन के फैन्स हैं,  स्पोर्ट्स से ताल्लुक रखते हैं या फिर जीवन को प्रेरित करने वाली फिल्में देखना पसंद करते हैं, तो आप सचिन ए बिलियन ड्रीम्स को देख सकते हैं।

पब्लिक रिव्यू देखने के लिए यहां क्लिक करें...


Loading Comments