भारत के प्रगति पर आधारित है ज़ी टीवी का अगला प्राइमटाइम शो ‘सेठजी’

जहां भारतीय समाज अपने आर्थिक परिवर्तन के बीच अनेक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष बदलावों से गुजर रहा है, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपनी जड़ों को नहीं भूले हैं। वे आज भी अपनी संस्कृति, अपने मूल्यों और परंपराओं से जुड़े हैं। आगामी 17 अप्रैल से शुरू हो रहे ज़ी टीवी का अगला प्राइमटाइम शो ‘सेठजी’ आपको एक अनूठे राम-राज्य वाले गांव देवसु की दिलचस्प कहानी दिखाता है। देवसु ऐसा गांव है, जिसके अपने ही नियम और सिद्धांत हैं। यह गांव शेष दुनिया से कटा हुआ है। देवसु अपनी सीमाओं को पवित्र मानता है जो भ्रष्टाचार, लालच और बेईमानी से बहुत दूर है। जहां हम आधुनिक और डिजिटल इंडिया की तरफ कदम बढ़ा रहे हैं, वहीं देवसु में शहरी विकास का नामो निशान तक नहीं है। वहां न तो पक्की सड़कें हैं, न कार, न बिजली, न कोई आराम की सुविधाएं और न ही एटीम या मोबाइल नेटवर्क है। लेकिन फिर भी इस गांव की दुनिया अपने आप में पूरी है। यह शो एक सवाल उठाता है - क्या ‘आदर्शों वाला भारत’ और ‘प्रगति वाला इंडिया’ एक दूसरे से प्रेरणा लेकर, कदम से कदम मिलाकर चल सकते हैं और एक ऐसे आदर्श राज्य की स्थापना कर सकते हैं जिसमें दोनों ही दुनिया का सर्वश्रेष्ठ शामिल हो? इंडिया भी भारत भी...

देवसु के हितों की रक्षा करने, अपने लोगों की देखभाल करने और गांव में होने वाली हर गतिविधि पर अपनी पैनी नजर बनाए रखने वाली एक सशक्त महिला नेता हैं जिन्हें सेठजी कहते हैं। वे तकनीकी प्रगति के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं लेकिन फिर भी अपने गांव के लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए उनके पास पुराने जमाने के सटीक हल हैं। देवसु के विकास के पीछे यही तेज तर्रार 38 वर्षीय महिला हैं। सेठजी अपने कुशल नेतृत्व और संवेदनशीलता के साथ देवसु पर सख्ती से शासन चलाती हैं, लेकिन साथ ही वे एक मां, एक बहु और एक दादी के रूप में अपनी जिम्मेदारियां भी बखूबी निभाती हैं। देवसु में उनका कहा ही अंतिम होता है।

इस अनूठे गांव की पृष्ठभूमि में एक खूबसूरत और अनोखी प्रेम कहानी भी जन्म लेती है। यह प्रेम कहानी है सेठजी के बेटे बाजीराव, जिसने गांव की सरहद के बाहर की दुनिया कभी नहीं देखी, और प्रगति की, जो गांव की सीमा के पार से आई एक निडर और आधुनिक लड़की है, और टेक्नोलॉजी के पक्ष में है। वह अपने व्यक्तिगत मिशन के साथ देवसु में आती है लेकिन वह इस बात से अनजान रहती है कि बाहरी लोगों का गांव में आना मना है। ऐसे में जब शहर की यह बागी लड़की प्रगति, सेठजी के खिलाफ जाकर देवसु में बदलाव लाने का प्रयास करेगा तो क्या होगा... आखिर बाजीराव की किस्मत में क्या है जो सेठजी के सिद्धांतों पर चलता है लेकिन प्रगति से प्यार करता है।

ऑफशोर प्रोडक्शन्स के निर्माण में बने इस शो में टैलेंटेड एक्टर गुरदीप कोहली, सेठजी के टाइटल रोल में भारतीय टेलीविजन पर वापसी कर रही हैं। वे देवसु गांव के रीति-रिवाजों और कानूनों की संरक्षक हैं। लोग उनके न्याय के कायल हैं क्योंकि वे अपने परिवार को भी सजा देने से नहीं चूकती हैं। नवोदित कलाकार अविनाश कुमार इस शो में सेठजी के युवा, भावुक और सीधे-सादे बेटे बाजीराव के रोल में हैं। वह शहर की एक लड़की प्रगति से प्यार करने लगता है जिसका रोल खूबसूरत रुम्मन अहमद ने निभाया है।

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