'आदित्य ठाकरे भावी मुख्यमंत्री' वाले बैनर को BMC ने हटाया

संबंधित बॉडी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किये जाने के कारण लोग खुले आम नियमों को तोड़ते नजर आते हैं। बीएमसी भी केवल ऐसे पोस्टरों को हटा कर अपने कार्यों की इतिश्री कर लेती है।

SHARE

 

महाराष्ट्र में बीजेपी-शिव सेना के बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर रस्साकसी चल रही है। शिव सेना इस पद के लिए युवा सेना के अध्यक्ष आदित्य ठाकरे को प्रमोट कर रही है। मुंबई के वर्ली और मतोश्री (ठाकरे निवास ) के सामने आदित्य ठाकरे को भावी मुख्यमंत्री बनाने को लेकर कई सारे बैनर और होर्डिंग्स लगे हुए हैं, लेकिन अब इन सभी बैनर और होर्डिंग्स को बीएमसी ने हटा दिया है।

आदित्‍य ठाकरे को सबसे पहले सीएम बनाने की मांग होर्डिंग्‍स के जरिए ठाणे शहर से शिवसेना विधायक प्रताप सरनाइक ने किया था। उस होर्डिंग्‍स को बीएमसी ने हटा दिया है।

इस बाबत बीएमसी का कहना है कि मातोश्री  के बाहर लगे उस होर्डिंग्‍स को हटा दिया है जिस पर महाराष्ट्र का भावी सीएम आदित्य ठाकरे लिखा था। बीएमसी के अनुसार अनु होर्डिंग्स और बैनर को भी हटाया गया है। 

पढ़े: आदित्य ठाकरे ने की राज्यपाल से मुलाकात


बीएमसी में शिव सेना का ही राज है, साथ ही फडणवीस सरकार में भी शिव सेना के मंत्री हैं तो ऐसे में यह सवाल भी उठता है कि आखिर प्लास्टिक बंदी और प्रदूषण जैसे मुद्दे पर खुद आगे सरकार इस तरह से प्लास्टिक के बैनर और होर्डिंग्स लगा कर क्या संदेश देना चाहती हैं? 

आपको बता दें कि कोर्ट ने शहर में किसी भी प्रकार के होर्डिंग्स और बैनर लगाने पर रोक लगा रखी है। जहां कही भी इस तरह का होर्डिंग्स और बैनर लगाए जाते हैं बीएमसी उन्हें हटा देती है।इसके बाद भी चुनावी और त्योंहारों के मौसम में शहर बैनर और होर्डिंग्स से पट जाता है, खुले आम कोर्ट के नियमों की धज्जियां उड़ाई जाती है।

संबंधित बॉडी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किये जाने के कारण लोग खुले आम नियमों को तोड़ते नजर आते हैं। बीएमसी भी केवल ऐसे पोस्टरों को हटा कर अपने कार्यों की इतिश्री कर लेती है।

पढ़ें: वर्ली में लगे आदित्य ठाकरे को भावी मुख्यमंत्री बतानेवाले पोस्टर

संबंधित विषय
ताजा ख़बरें