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डीजे वालों को राज ठाकरे का समर्थन, कहा- मंडल को आपत्ति नहीं तो बजाओ


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मुंबई सहित ठाणे और नवी मुंबई में डीजे का काम करने वाले तमाम डीजे का काम करने वाले लोग सोमवार को एमएनएस चीफ राज ठाकरे से उनके घर दादर स्थित कृष्णकुंज जाकर मुलाकात की। ये डीजे वाले बॉम्बे हाईकोर्ट के उस निर्णय के खिलाफ हैं जिस पर कोर्ट ने डीजे पर गणपति के सीजन में डीजे पर बैन लगाने की सुनवाई कर रहा है।इन डीजे वालों को डर है कि जिस तरह से एक के बाद एक त्योहारों पर कोर्ट डीजे पर बैन लगाते जा रही है उससे अगर गणपति में भी डीजे पर बैन लग गया तो इनका धंदा ही चौपट हो जायेगा। लेकिन राज ठाकरे ने अपना समर्थन देते हुए इस मुलाकत के दौरान अपने चिर परिचित अंदाज में कहा कि हम कोर्ट के फैसले का इंतजार करेंगे, अगर मंडल को कोई आपत्ति नहीं है तो आप डीजे बजाइये।

 
डीजे के खिलाफ याचिका 

आपको बता दें कि गणपति त्यौहार के समय लोग ऊंची आवाज में डीजे बजाते हैं जिससे ध्वनि प्रदूषण होता है इस बात को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गयी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने डीजे पर बैन लगा दिया। कोर्ट ने कहा कि लोग त्योंहारों पर एन्जॉय करते हैं मौज मस्ती करते हैं, लेकिन जिस तरह से बेहद ऊंची आवाज में डीजे बजाया जाता है उसे कोर्ट नजरअंदाज नहीं कर सकती है।

दो दिन बाद है सुनवाई 
अब इस मामले में अगली सुनवाई 19 सितंबर को है, जिस पर तमाम डीजे वालों की नजर है। इस सुनवाई में राज्य सरकार भी अपना पक्ष रख सकती है. साथ ही इस सुनवाई के बाद राज ठाकरे भी अपनी नीति तय करेंगे।

मुंबई लाइव का नजरिया 
यह सही है कि लोग त्योंहारों पर नाच गाना करते हैं पटाखे फोड़ते हैं ऊंची आवाज में डीजे बजाते हैं, लेकिन मौज मस्ती करने वाले यह जरा भी ध्यान नहीं देते कि इससे छोटे बच्चों, बुजुर्गो और बीमार लोगों पर क्या असर पड़ेगा? साथ ही अस्पतालों, स्कूल-कॉलेजों या फिर धार्मिक स्थल के बाहर डीजे बजाना ठीक बात नहीं है। त्यौहार शांति और श्रद्धा का प्रतिक है न कि पर्यावरण के नुकसान का।

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