पांच हजार बढ़ा जनरेट का भाड़ा...!

मुंबई - गणेशोत्सव मतलब गाजा-बाजा, डीजे की गड़गड़ाहट। गणेशोत्सव का सबसे ज्यादा पारा चढ़ता है बप्पा के विसर्जन के दौरान। डीजे बजाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होता है जनरेटर। इस मौके पर जनरेटर का भाड़ा आसमान छूता है। 

जशीन सय्यद, जनरेटर व्यावसायी – हर साल की तरह इस साल भी गणपति विसर्जन के वक्त जनरेटर की मांग बढ़ी है। इस समय पर काम बहुत ज्यादा होता है इसलिए हमें वर्कर्स को ज्यादा पे करना पड़ता है, उसी लिहाज से हम जनरेटर के भाड़े में वृद्धि करते हैं। पिछले साल एक जनरेटर का भाड़ा 35 से 40 हजार था, इस साल इसका भाड़ा 40 से 45 हजार है। 

 

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