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स्वाइन फ्लू का प्रकोप दिन बा दिन बढ़ता ही जा रहा है। कई बार तो कई रोगियों को इसके लक्षण समय पर रहते समझ हीं नही आते है। राज्य में अब तक 418 स्वाईन फ्लू मरीज़ों की मौत हुई है, तो वही मुंबई में 413 स्वाइन फ्लू मरीज़ पाए गए हैं, जिनमें से 7 कि मौत हो गई है।

स्वाइन फ्लू के 60 फिसदी मरिजों को हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियां भी होती है ,जिनका उन्हे समय रहते पता नहीं चल पाता है।

राज्य के स्वास्थ मंत्री दीपक सावंत का कहना है की ये कहना गलत होगा की जितने स्वाइन फ्लू के मरिजो की मौत हो गई है उनका कारण सिर्फ स्वाइन फ्लू है, उनकी मौत के कई अन्य कारण भी है। बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होने कहा की राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली ने स्वाइन फ्लू की रोकथाम और उपचार के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। राज्य में 2199 स्थानों पर स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए स्क्रीनिंग सेंटर शुरू की गई हैं। अब तक 13 लाख 62 हजार मरीजों की जांच की गई है।

स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए ऑसेलटाइमवीर और अन्य दवाईयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। साथ ही ज्यादा सिरियस मरीजो के लिए स्वैच्छिक और मुफ्त टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। दूसरे और तीसरे त्रैमासिक गर्भवती महिलाओं के अलावा ये टिके मधुमेह और उच्च रक्तचाप वाले मरीजो को भी दिया जाता है।

शीतकालीन सत्र के दौरान स्वास्थ्य मंत्री दिपक सावंत की अध्यक्षता में स्वाइन फ्लू की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया था। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वाइन फ्लू के कारण होने वाली मौतों का पता लगाने के लिए प्रत्येक नगरपालिका क्षेत्र में मृत्यु लेखापरीक्षा समिति की स्थापना का निर्देश दिया था।

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