रोज़ाना अंडे खाना जारी रखें, प्लास्टिक के अंडों की अफवाहों पर ना दें ध्यान

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    रोज़ाना अंडे खाना जारी रखें, प्लास्टिक के अंडों की अफवाहों पर ना दें ध्यान
    मुंबई  -  

    राज्य भर में लोगों द्वारा खाने की आदतों पर अफवाहें कैसे प्रभावित होती हैं यह हम सभी को पता है। यहां, हम अंडे खाने की आदत के बारे में बात कर रहे हैं। पिछलें कई दिनों से एक अफवाह बाजार में फैली है की इस आदत को चीनी 'प्लास्टिक से बने अंडे बाजार में धड़ल्ले से आ रहे है।

    पशु चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ संजय बोकान ने राज्य में ऐसे प्लास्टिक के अंडों के अस्तित्व से इनकार कर दिया है, और कहा है कि तापमान बढ़ने से प्राकृतिक अंडे खराब हो रहे हैं। उनके खोल और जर्दी अटक जाते हैं और यह प्लास्टिक का अनुभव देता है, साथ ही उन्होने लोगों को गर्मी के मौसम में कम अंडे खाने की सलाह दी।
    प्लास्टिक अंडे बनाना आसान नहीं है क्योंकि इसके लिए उन्नत तकनीक की आवश्यकता होती है , ऐसी तकनीक का उपयोग करके अंडे सस्ती नहीं होंगे इसलिए, राज्य में प्लास्टिक के अंडों की उपलब्धता असंभव है। डॉ बोकान ने कहा है कि उनके दावों को खाद्य और नशीले पदार्थ प्रशासन ने भी प्रमाणित किया है।
    जैसा कि आप देख सकते हैं, अंडा के भीतर एक रिक्त स्थान रहता है, जबकि इसकी सफेद शंख एक छिद्रपूर्ण होती है। राज्य में गर्मी का प्रभाव काफी फैल गया है। इसलिए अंडे खराब होते जा रहे है। ये जानकारी सुरेश अण्णापुरे, संयुक्त आयुक्त (खाद्य), एफडीए मुंबई ने डॉ बोकान द्वारा दी गई जानकारी की पुष्टि की है।
    हालांकी सोशल मीडिया पर फैली इस खबर को लेकर अभी तक किसी पर कार्रवाई नहीं की गई है। और ना ही एसे किसी अंडे का परिक्षण किया गया है।
    एडन अंडे के मालिक स्टैनी देवीदास ने कहा, "मैं रोज़ सैकड़ों अंडे बेचता हूं, लेकिन आज तक मुझे कोई प्लास्टिक अंडे नहीं मिला है। मेरे किसी भी ग्राहक ने प्लास्टिक के अंडों के बारे में शिकायत नहीं की है। "
    कुछ समय पहले डोंबिवली में रहनेवाले एक आदमी ने दावा किया था कि उसने एक प्लास्टिक के अंडे निकाले हैं। तब से यह अफवाह राज्य में जंगल की आग की तरह फैल गई है। हालांकी बाद में इसे जांच करने के बाद इसमे कुछ नहीं पाया गया।

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