केईएम अस्पताल की बड़ी लापरवाही, हार्ट अटैक के मरीज की जाँच में हुई देरी, मरीज ने तोड़ा दम


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नियम या कानून इंसानों की भलाई के लिए बनाए जाते हैं, अगर नियम और कानून ही इंसानों को जान लेने लगे तो ऐसे नियम और कानून किस काम के? राम चांदणे (52) नामके एक शख्स को हार्ट अटैक  आया, उन्हें इलाज के लिए जब केईएम अस्पताल ले जाया गया तो उन्हें अस्पताल की सारी फॉर्मलिटीज पूरी करने में समय लग गया जिससे उनकी जान चली गयी।


क्या था मामला?

परिजनों के अनुसार मंगलवार को अचानक राम चांदणे को हार्ट अटैक आया। परिजनों ने रात 11:30 बजे के लगभग उन्हें केईएम अस्पताल ले गए। शुरुआत में उनका ईसीजी रिपोर्ट निकाली गयी। ईसीजी के बाद डॉक्टरों ने उन्हें अन्य जांच भी करवाने को कहा। जांच करवाने की लाइन काफी लंबी थी, उसी जांच को करवाने में राम को 3 घंटे से अधिक लग गए। इसके बाद राम की तबियत अधिक बिगड़ गयी और उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि अगर राम चांदणे को सही समय पर इलाज मुहैया कराया जाता तो उनकी जान बच सकती थी।

इस बारे में केईएम अस्पताल के डीन अविनाश सुपे का कहना है कि हार्ट अटैक के बाद उन्हें जांच के लिए भेजा गया था, लेकिन जांच के काफी देरी हो गयी जिससे उनकी मौत हो गयी। इस मामले की जांच शुरू है।

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