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अब N-95 मास्क 19 रुपये में, लेयर वाले मास्क 3 से 4 रुपये में

मास्क की मांग अधिक होने के कारण मास्क की कालाबाजारी होने लगी और उसकी कीमतें आसमान छूने लगी। जिसके बाद प्रशासन ने इस पर नियंत्रण रखने का निर्णय लिया है, ताकि नागरिकों को सही कीमत पर मास्क उपलब्ध हो सके।

अब N-95 मास्क 19 रुपये में, लेयर वाले मास्क 3 से 4 रुपये में
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कोरोना (Coronabirus) की बढ़ती घटनाओं को रोकने में काफी हद तक मास्क कारगर सिद्ध होता है। चूंकि अभी तक कोरोना (Covid-19) के लिए कोई दवा उपलब्ध नहीं है, इसलिए शासन और प्रशासन की तरफ से कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए मास्क पहनना, नियमित रूप से हाथ धोना और सामाजिक दूरी (social distance) बनाए रखना सावधानियां बरतने को कहा जा रहा है।

हालांकि, मास्क की मांग अधिक होने के कारण मास्क की कालाबाजारी होने लगी और उसकी कीमतें आसमान छूने लगी। जिसके बाद प्रशासन ने इस पर नियंत्रण रखने का निर्णय लिया है, ताकि नागरिकों को सही कीमत पर मास्क उपलब्ध हो सके।

इस बाबत प्रशासन ने पहल करते हुए राज्य में N-95 मास्क अब 19 रुपये से लेकर 49 रुपये तक उपलब्ध होगा, जबकि दो-परत और तीन-परत वाले मास्क मात्र 3 से 4 रुपये में उपलब्ध होंगे।

स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे (health minister rajesh tope) ने बताया कि राज्य सरकार ने इस संबंध में एक निर्णय की घोषणा की है, जब तक राज्य में संक्रामक रोग कानून लागू नहीं हो जाता तब तक बिभिन्न श्रेणी के मास्क के लिए अधिकतम विक्रय मूल्य सीमा लागू नहीं रहेगी।

कोरोना को नियंत्रण में रखने के लिए राज्य सरकार नागरिकों से मास्क और सैनिटाइज़र का उपयोग करने की हिदायत दे रही है। साथ ही जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी कर रही है।

स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (uddhav thackeray) और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार (ajit pawar) की तरफ़ से इस निर्णय को मंजूरी दे दी है ताकि आम लोगों तक अच्छे मास्क आसानी से और बेहद कम कीमतों में पहुंच सके।

इस बीच, सैनिटाइज़र और मास्क के लिए दरों का निर्धारण करने के लिए एक समिति भी बनाई गई थी। समिति ने दरों को तय करने से पहले निर्माण कंपनियों के साथ चर्चा की। निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं और वितरकों ने उत्पादन क्षेत्र, कार्यालय, गोदाम और उत्पादन की लागत का दौरा किया है और लागत उचित संपादकों की मदद से इन सबकी उचित कीमत निर्धारित की गई है।

मास्क के लिए अन्य नियम व शर्तें

  • मास्क के लिए निर्धारित की गई अधिकतम विक्रय मूल्य सीमा राज्य के सभी मास्क निर्माताओं, वितरकों और खुदरा विक्रेताओं पर लागू होगी।
  • राज्य में सभी मास्क निर्माताओं, वितरकों और खुदरा विक्रेताओं को मास्क की गुणवत्ता और इसकी अधिकतम बिक्री मूल्य निर्धारित मूल्यों का पालन करना अनिवार्य होगा।
  • इस मामले में किसी भी शिकायत के निवारण के लिए राज्य स्तर पर आयुक्त, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के साथ साथ जिला स्तर पर कलेक्टर भी सक्षम प्राधिकारी होंगे।
  • राज्य में मास्क की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, उत्पादकों के लिए यह आवश्यक होगा कि वह राज्य में उत्पादित वस्तुओं को निर्धारित दर पर उपलब्ध कराए।
  • महाराष्ट्र में सरकारी और निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, कोविड केयर सेंटर, समर्पित कोविड अस्पतालों को मास्क की आपूर्ति करते समय, निर्धारित अधिकतम बिक्री मूल्य सीमा के 70 प्रतिशत की दर से मास्क प्रदान करना आवश्यक होगा।
  • प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि, निर्धारित दरों पर निजी अस्पतालों द्वारा मास्क खरीदने के बाद, मरीजों से खरीद मूल्य का 110 प्रतिशत से अधिक शुल्क नहीं लिया जा सकता है।
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