बेटी की जान बचाने के लिए मां ने दिया बेटी को लिवर!

नौ महीने का काव्या राउत लाइव प्रत्यारोपण सर्जरी से गुजरने वाले सबसे छोटा बच्चा बन गया है।

SHARE

मां निःस्वार्थ होती है और जरूरत पड़ने पर अपने बच्चों के लिए कुछ भी कर गुजरने के लिए तैयार रहती है। ऐसी ही एक मां ने अपने बच्चे को बचाने के लिए लिवर क एक हिस्सा दान किया जो बिलीरी आर्टेशिया नामक बीमारी के साथ पैदा हुआ था।

यह भी पढ़े- तमिलनाडु और गुजरात के लिए 16 जुलाई से शुरू होगी हमसफर एक्सप्रेस

मुंबई सेंट्रल के वोकहार्ट अस्पताल में लिवर प्रत्यारोपण सर्जरी से गुजरनेवाला नौ महीने का काव्या राउत अब इस ऑपरेशन से गुजरनेवाले सबसे छोटा बच्चा बन गया है। काव्या राउत पालघर जिले के घोलवाड़ गांव में रहता है।14 जून, 2018 को एचपीबी सर्जन डॉ अनुराग श्रिमल के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक टीम ने सर्जरी की थी।

बिलीरी आर्टेशिया क्या है?
इस बीमारी में, रोगी के पित्त नलिकाएं जो यकृत से आंत तक पित्त ले जाती हैं, संकीर्ण, अवरुद्ध या अनुपस्थित होती हैं। मुंबई में एक अस्पताल में जब वह केवल दो महीने का था, तब उसे पोर्टो-एंटरोस्टोमी नाम की सर्जरी से गुजरना पड़ा था। हालांकी ये ऑपरेशन फेल हो गया और काव्या का वजन 5 से 6 किलों पर आकर रुक गया।

यह भी पढ़े- अंधेरी ब्रिज हादसा- जिंदगी और मौत से जुझ रही 36 साल की अस्मिता काटकर!

डॉ अनुराग श्रीमल ने कहा कि यकृत प्रत्यारोपण बहुत चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की टीम ने रोगग्रस्त यकृत को हटा दिया और मां के यकृत का एक छोटा सा हिस्सा जिसका वजन 260 ग्राम वजन था उसे और भी कम करके लगभग 210 ग्राम के पास लाकर बच्चे के शरीर में लगाया।

फिलहाल यह ऑपरेशन सफल रहा और जल्द ही बच्चे को डिस्चार्ज दे दिया जाएगा।

संबंधित विषय
ताजा ख़बरें