सायन अस्पताल की बड़ी लापरवाही, गर्भपात का किया ऑपरेशन फिर भी जन्मा बच्चा


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आखिरकार तीन महीना मंत्रालय की धूल फांकने के बाद तंग आकर कदम परिवार ने सोमवार को सायन अस्पताल के प्रशासन और डॉक्टरों के खिलाफ सायन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के मुताबिक सायन अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा गर्भपात का ऑपरेशन करने के बाद भी यशवंत कदम की पत्नी दीपा कदम को गर्भ बना रहा और न चाहते हुए भी दीपा को अपने तीसरे बच्चे को इस दुनिया में लाना पड़ा। 


क्या था मामला?
मिली जानकारी के मुताबिक यशवंत कदम अपनी पत्नी दीपा और दो बच्चे के साथ कुर्ला में रहता था। बेहद ही गरीब यशवंत किसी तरह से कमाई करके अपना और अपने परिवार का पेट भरता है। एक साल पहले दीपा फिर से गर्भवती हुई। दीपा अपनी आर्थिक स्थिति की मज़बूरी के चलते बच्चे को इस दुनिया में नहीं लाना चाहती थी क्योंकि थोड़ी सी कमाई में उसका घर किसी तरह से चल रहा था। इसीलिए उसने गर्भपात कराने की ठानी।


डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही 
दीपा अपने पति यशवंत के साथ सायन अस्पताल गए। उन्होंने वहां के डॉक्टर एनएन चव्हाण से बात की, जिसके बाद डॉक्टर चव्हाण ने दीपा का ऑपरेशन कर उसका गर्भपात कर दिया। ऑपरेशन के कुछ महीने बाद ही फिर से दीपा को पीड़ा होने लगी और वह फिर से सायन अस्पताल गयी। जब डॉक्टरों ने जांच की तो उन्होंने दीपा को 5 महीने का गर्भवती बताया। इतना सुनते ही दीपा के पैरो तले जमीन खिसक गयी। दीपा ने डॉक्टरों को बताया कि इसी अस्पताल में उसने गर्भपात करवाई थी तब बच्चा कैसे हो सकता है? दीपा के सवाल का जवाब देते डॉक्टरों को नहीं बन तो उन्होंने इसे अस्पताल की गलती मानते हुए दीपा को बच्चा पैदा करने की सलाह दी।

डराया और कर दिया ऑपरेशन  
लेकिन दीपा की मुश्किलें यही कम नहीं हुईं। आठवें महीने में रेगुलर चेकप के लिए दीपा जब सायन अस्पताल पहुंची तो डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे के सिर में ब्लड का सर्कुलेशन नहीं हो रहा है और उसके लिवर में भी सूजन है इसीलिए अभी बच्चे की डिलीवरी करनी पड़ेगी। डॉक्टरों की बात सुन कर दीपा भी घबरा गयी और उसने ऑपरेशन करने की अनुमति दे दी। डॉक्टरों ने दीपा का ऑपरेशन के जरिये डिलीवरी करवा दिया, डिलीवरी के बाद जब बच्चे की जांच की गयी तो बच्चा एकदम स्वस्थ था उसमें किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं निकली। जबकि यशवंत का कहना था कि डॉक्टरों ने हमें डरा कर समय से पहले ही सिजेरियन डिलीवरी कर दी, नहीं तो हम नार्मल डिलीवरी चाहते थे। 

मुंबई लाइव ने जब इस मुद्दे पर सायन अस्पताल की डीन जयश्री मोंडकर से बात की तो उन्होंने कहा कि दीपा का गर्भपात का ऑपरेशन सही नहीं हुआ था। इस समय यह मामला मानवाधिकार समिति के पास है, वह जो निर्णय लेगा हम वैसा ही करेंगे।

पुलिस ने दर्ज की शिकायत 
दीपा और उसके पति यशवंत ने अस्पताल की इस लापरवाही के खिलाफ कई लोगों से गुहार लगाई यहां तक की मंत्रालय जाकर सम्बंधित लोगो से मिले लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। आखिर तंग आकर इन्होने सायन पुलिस स्टेशन में सायन अस्पताल के प्रशासन और डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। अब सायन पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है।

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