कोर्ट ने पलटा अपना आदेश, रात में फिर शुरू होगा मेट्रो-3 का काम


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बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन(MMRC) को राहत देते हुए घोषणा की कि अब मेट्रो-3 का काम रात में भी हो सकता है। इसके पहले ध्वनि प्रदूषण को देखते हुए कई लोगों ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी कि मेट्रो-3 का काम रात के समय बंद हो चाहिए। आपको बता दें कि मेट्रो-3 एक भुमिगत मेट्रो रेल मार्ग है जिसका विस्तार अंधेरी सीप्ज से लेकर कुलाबा तक है।

 
क्या था मामला?
मेट्रो-3 का काम तय समय में पूरा हो इसीलिए MMRC दिन रात काम चौबीस घंटे काम कर रहा था। मेट्रो-3 के लिए बड़ी बड़ी मशीनों को सड़कों को खोदने के काम में लगाया गया था, रात के समय जब ये मशीनें सड़कों को खोदने का काम करती थीं तो बड़ी जोर-जोर से आवाजें आती थीं, जिससे आसपास रहने वालों को सोने में परेशानी होने लगी, जिसके फलस्वरूप कुलाबा, चर्चगेट सहित अन्य स्थानो पर रहने वाले लोगों ने कोर्ट की राह पकड़ी। इस बारे में एडवोकेट रॉबिन जयसिंघानी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में मेट्रो-3 के खिलाफ याचिका दायर की।


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मांगा हर्जाना 
रॉबिन ने अपनी याचिका में मेट्रो-3 कार्य के चलते आसपास रहने वाले लोगों को हो रही परेशानी का उल्लेख किया था साथ ही यह मांग भी की थी कि पीड़ित परिवार के हर सदस्य को 10 हजार रुपए बतौर हर्जाना दिया जाए। इसके बाद कोर्ट ने मेट्रो-3 के काम को रात में नहीं करने का आदेश जारी कर दिया।

MMRC के पक्ष में फैसला 
रात में काम बंद होने के बाद MMRC को काफी नुकसान तो होने ही लगा साथ ही समय पर काम पूरा नहीं होने की चिंता भी सताने लगी। इसके बाद MMRC ने भी इस मामले में कोर्ट से दखल देने की मांग की। इस बारे में शुक्रवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने MMRC के पक्ष में फैसला सुनते हुए रात में भी काम करने का आदेश पारित किया।

'रखा जाएं प्रदूषण का ख्याल'
जब कोर्ट के इस फैसले के बारे में मुंबई लाइव ने याचिका दाखिल करने वाले रॉबिन से उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही तो रॉबिन ने कहा कि हमें काम शुरू होने से कोई फर्क नहीं पड़ता है लेकिन ध्वनि प्रदूषण न हो इस बात का MMRC को ध्यान रखना होगा। रॉबिन ने आगे कहा कि अभी उन्होंने कोर्ट के आदेश की कॉपी नहीं पढ़ी है, उसे पढ़ने के बाद ही वे इस बारे में और जानकारी दे सकेंगे।

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