मेट्रो से क्यों परेशान हो रहे हैं मरोल के निवासी...?

अंधेरी - अंधेरी ईस्ट मरोल के पाली ग्राउंड में चल रहे मेट्रो के काम से स्थानीय निवासियों को काफी परेशानी हो रही है। सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक चलने वाला यह काम स्थानीय लोगों के लिए किसी सिरदर्द से कम नहीं है। यहां चलने वाली मशीन की आवाज इतनी तेज होती है कि लोगों का रहना दूभर हो गया है। अगर एक साथ दो मशीन चलती है तब तो और भी मुश्किल हो जाती है। जहां छोटी मशीन की आवाज 75 से 97 डेसिबल तक होती है तो वही दो मशीन चलने पर आवाज 100 डेसिबल तक पहुंच जाती है। यही नहीं कभी कभी रात में भी काम शुरू हो जाने के करण लोग सो भी नहीं पाते हैं।

आपको बता दें कि दिन के समय सुबह छह बजे से लेकर रात 10 बजे तक औद्योगिक क्षेत्रों में 75 डेसिबल, आवासीय क्षेत्रों में 55 डेसिबल और शांत क्षेत्रों में 50 डेसिबल से ज्यादा आवाज नहीं होना चाहिए। रात के समय में (रात दस बजे से सुबह छह बजे तक) क्रमश: यह अनुपात 70, 45, 40 डेसिबल निर्धारित किया गया है। दिन के समय में (सुबह छह बजे से रात दस बजे तक) औद्योगिक क्षेत्रों में 75 डेसिबल, आवासीय क्षेत्रों में 55 डेसिबल और शांत क्षेत्रों में 50 डेसिबल से ज्यादा शोर नहीं होना चाहिए। रात के समय में (रात दस बजे से सुबह छह बजे तक) क्रमश: यह अनुपात 70, 45, 40 डेसिबल निर्धारित किया गया है।

अब इसके विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता निकोलस अल्मेडा ने एमएमआरसी के मैनेजर अश्विनी भिडे और अन्य अधिकारियों के विरोध में अंधेरी के मेट्रोपोलिटन कोर्ट में शिकायत दर्ज करवाई है। तो वहीं एमएमआरसी के कार्यकारी संचालक आर. रमण्णा ने इस तरफ ध्यान देने की बात कही है। गौरतलब है कि बीजेपी ने 2020 में मेट्रो के इस कार्य को पूरा करने का वादा किया है इसीलिए यहां रात दिन काम चल रहा है।

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