फायर ऑडिट नहीं होने पर इमारतों को नहीं मिलेगी ओसी- म्हाडा

हालांकि म्हाडा के इस नियम के अंतर्गत केवल वहीँ इमारतें शामिल हैं जिनका ले-आउट म्हाडा का है। मुंबई में ऐसी कुल 105 इमारतें हैं।

SHARE

मुंबई की बिल्डिंगों में जिस तरह से आये दिन आग लगने की घटना सामने आ रही है उसे देखते हुए म्हाडा ने अब निर्णय लिया है कि अब उन्हीं बिल्डिंगों को म्हाडा ओसी देगी जिन बिल्डिंगों में फायर सिस्टम काम कर रहे होंगे और जिन बिल्डिंगों के सोसायटी वालों ने दमकल विभाग से फायर ऑडिट कराया हो। हालांकि म्हाडा के इस नियम के अंतर्गत केवल वहीँ इमारतें शामिल हैं जिनका ले-आउट म्हाडा का है। मुंबई में ऐसी कुल 105 इमारतें हैं।

म्हाडा मुंबई के मुख्य अधिकारी दीपेन्द्र सिंह कुशवाहा ने मुंबई लाइव से बात करते हुए बताया कि अभी हाल ही में चेंबूर की इमारत में जो आग लगी थी उसमें जांच में यह पाया गया था कि इमारत को ओसी नहीं मिली थी साथ ही इमारत का फायर ऑडिट भी नहीं करवाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि इमारत में जो आग बुझाने की मशीन रखी गयी थी वो काम नहीं कर रही थी। फायर सिस्टम को पानी के साथ जोड़ा ही नहीं गया था और इमरजेंसी डोर भी जाम हो गया था वह भी नहीं खुला क्योंकि उस कभी चेक ही नही किया गया था। इसी के कारण लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और लोगो की मौत हो गयी।

इन्हीं सब कारणों को देखते हुए अब म्हाडा बिल्डरों के साथ साथ सोसायटियों की भी जिम्मेदारी तय करने में लगी है। म्हाडा के ले-आउट में बने सभी नए पुराने इमारतों को अब फायर सिस्टम अपग्रेड कराना अनिवार्य होगा। हर छह महीने में दमकल विभाग से फायर ऑडिट कराना होगा और अगर दमकल विभाग से एनओसी नहीं मिलती है तो म्हाडा भी ओसी नहीं देगा।

कुशवाहा आगे कहते है कि अब म्हाडा के अधिकारी म्हाडा के ले-आउट में बनी सभी 105 इमारतों में जाकर यह चेक करेंगे कि ईमारत को दमकल विभाग से एनओसी मिली है या नहीं?फायर ऑडिट मिला है या नहीं? इन सभी को चेक करने के बाद ही म्हाडा ओसी देगी वर्ना नहीं।

संबंधित विषय
ताजा ख़बरें