म्हाडा उपाध्यक्ष को एसआरए का नोटिस

बांद्रा - लोगों को सस्ते घर देने की सरकार की योजना पहले से ही सुस्त पड़ी हुई है। लेकिन अब झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (एसआरए) और म्हाडा के बीच आपसी विवाद के कारण आम लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बांद्रा रेक्लमेशन में म्हाडा के जमीन पर बने हुए झोपड़े अब म्हाडा के लिए सिरदर्द बन गये हैं। एसआरए ने म्हाडा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुनर्विकास के लिए तमाम शर्तें पूरी होने के बाद भी कई वर्षों से म्हाडा इस कार्य को पूरा नहीं कर रहा है। इतना ही नहीं एसआरए ने म्हाडा को आलसी और चालबाज बिल्डरों के ही लिए बने होने का भी आरोप लगाया है। इसी से संबंधित एसआरए ने म्हाडा के उपाध्यक्ष संभाजी झेंडे को कारण बताओ नोटिस भेजा है। बता दें कि अभी हाल ही में एसआरए ने मुंबई के 114 बिल्डरों के खिलाफ नोटिस जारी की थी। इन पर आरोप था कि एनओसी मिलने के बाद भी इन बिल्डरों ने अपना प्रोजेक्ट समय पर शुरू नहीं किया। झोपड़े में रहने वाले लोग एसआरए के इस एक्शन से काफी खुश हैं। उन्हें आशा है कि एसआरए के इस नोटिस से म्हाडा अब समय पर अपना काम पूरा करेगा।

एसआरए और म्हाडा के बीच भले ही चाहे जो चल रहा हो लेकिन इतना तो तय है कि विकास से संबंधित योजनाओं में देरी होने से सरकारी खजाने पर इसका भार पड़ता तो है साथ ही आम लोगों को भी काफी परेशानी होती है। जिस पर सरकार को कड़े कानून बनाकर इस सम्बन्ध में नए नियम लाने चाहिए।

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